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महिलाओं के चरित्र हनन का सिलसिला कब रुकेगा : कंगना रनौत

शिमला, सात सितंबर (भाषा) अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने सोमवार को कहा कि महिलाओं के चरित्र का इस्तेमाल हमेशा उन्हें बर्बाद करने के लिए उनके ही खिलाफ किया जाता है और अब समय आ गया है कि समाज अपने भीतर झांककर देखे कि महिलाओं के साथ कैसा बर्ताव किया जाता है।

अभिनेत्री से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के उस भाषण के बारे में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने विपक्षी द्रमुक को निशाना बनाते हुए चेतावनी दी थी कि व्यक्तिगत हमले, दोहरे अर्थ वाले अपमानजनक शब्द या महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने पर तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कुल्लू में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद रनौत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि यह केवल भारत तक सीमित नहीं है और दुनियाभर में ऐसा होता है कि कामकाजी महिलाओं, सफल महिलाओं, अभिनेत्रियों, राजनेताओं और सत्ता एवं अधिकार के पदों पर बैठी महिलाओं के चरित्र को निशाना बनाया जाता है ताकि उन्हें नीचे गिराया जा सके।’’

विजय ने अपने भाषण में दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता के साथ तमिलनाडु विधानसभा में कथित दुर्व्यवहार और अपमान का भी जिक्र किया था।

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए एक शीर्ष अभिनेत्री पर किए गए व्यक्तिगत हमलों की ओर भी इशारा किया था।

वर्ष 2021 में बनी जयललिता के जीवन पर आधारित फिल्म में उनकी भूमिका निभाने वाली रनौत ने कहा कि महिलाओं को इस तरह की समस्याओं का सामना नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘तमिलनाडु में हमने देखा है कि एक बेहद प्रसिद्ध अभिनेत्री को उसके संबंधों को लेकर निशाना बनाया गया।’’

उन्होंने कहा कि संबंध दोनों पक्षों से होते हैं, लेकिन दुर्व्यवहार, ‘‘चीरहरण’’ और चरित्र हनन के लिए केवल महिला को निशाना बनाया जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक समाज के रूप में आत्ममंथन करना चाहिए कि हम महिलाओं को किस नजरिए से देखते हैं और क्या हम वास्तव में उनका सम्मान करते हैं या नहीं।’’

भाषा राखी माधव

माधव