नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों को मैट्रिक के बाद मिलने वाली छात्रवृत्ति पारदर्शी तरीके से और समय पर उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और आधार से जुड़े भुगतान जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है।
अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के माध्यम से लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य मैट्रिक के बाद और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे पात्र छात्रों की सहायता करना है।
छात्रवृत्ति के लिए आवेदन संबंधित राज्य के छात्रवृत्ति पोर्टल या राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए जाते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी ओर से छात्रवृत्ति की राशि तभी जारी करती है, जब राज्य या केंद्र शासित प्रदेश भी अपना हिस्सा जारी कर दें और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पात्र छात्रों की जांच पूरी कर उनकी सही जानकारी जमा कर दी जाए।
मंत्रालय ने कहा, “योजना के तहत प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) की शुरुआत 2021-22 में की गई थी।”
उसने बताया कि इस व्यवस्था से “धनराशि का आवंटन आसान और तेज” हुआ है।
भाषा जोहेब नरेश
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