देहरादून, सात सितंबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद कथित ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान के मुद्दे पर सोमवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने कथित ‘शुद्धीकरण’ के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग और इस मामले को उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के विरोध में ‘हल्ला बोल-मुख्यमंत्री आवास घेराव’ कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की मौजूदगी तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
इस प्रदर्शन में प्रदेश सह प्रभारी मनोज यादव, सुरेंद्र शर्मा, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और कई विधायक भी शामिल हुए।
कांग्रेस कार्यकर्ता पहले परेड ग्राउंड में एकत्र हुए और वहां से बारिश के बीच हाथों में तख्तियां, बैनर और झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुए। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में अवरोधक लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस दौरान कुछ नेताओं ने अवरोधक पार करने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान कुमारी सैलजा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि देश के वरिष्ठ दलित नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष भी हैं।
उन्होंने कहा कि उनका अपमान लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों का अपमान है।
सैलजा ने कहा, ‘‘कांग्रेस इस प्रकार की जातिवादी और लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि सामाजिक न्याय और लोकतंत्र की लड़ाई में कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनुसूचित जाति मोर्चा ने कांग्रेस पर कथित ‘शुद्धीकरण’ मामले में झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए राज्य के सभी जिलों में प्रदेशव्यापी धरना दिया।
देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ में भाजपा नेताओं ने कहा कि सामाजिक सम्मान और समानता किसी एक दल की राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के सामाजिक ताने-बाने और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा विषय है।
भाजपा के एक नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा दलित, वंचित और पिछड़े समाज का अपमान करती रही है और अब हल्द्वानी मामले के जरिए झूठ फैला रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने ही अध्यक्ष का अपमान कर रही है और उसकी जातिवादी राजनीति को बढ़ावा देने की कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भाजपा के इस धरने में पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, गणेश जोशी, देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल और विधायक विनोद चमोली भी मौजूद रहे।
भाषा
दीप्ति रवि कांत