नयी दिल्ली, सात सितंबर (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सोमवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कथित ‘‘निजीकरण’’ पर तत्काल रोक लगाने की मांग की और आरोप लगाया कि इस कदम से राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निजी कंपनियों पर निर्भरता बढ़ सकती है।
माकपा पोलित ब्यूरो ने एक बयान में कहा, ‘‘माकपा इसरो के निजीकरण की निंदा करती है और इसे तत्काल रोकने की मांग करती है।’’
पार्टी ने कहा कि रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन, मौसम पूर्वानुमान और सुदूर संवेदन के क्षेत्र में इसरो का योगदान ‘‘भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण’’ है।
माकपा का कहना है कि ऐसे महत्वपूर्ण और आत्मनिर्भर संस्थान का ‘‘निजीकरण’’ राष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मामलों में निजी क्षेत्र पर अनावश्यक निर्भरता पैदा करेगा।
वामपंथी पार्टी ने ‘इन-स्पेस’ के अध्यक्ष पवन गोयनका की हाल की उस टिप्पणी पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि इसरो अब प्रक्षेपण यान का निर्माण नहीं करेगा।
माकपा ने कहा, ‘‘पवन गोयनका की यह टिप्पणी कि इसरो अब प्रक्षेपण यान का निर्माण नहीं करेगा, सात दशकों में समर्पित भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित अंतरिक्ष अनुसंधान ढांचे को निजी कंपनियों को सौंपने की एक साजिश को उजागर करती है।’’
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