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मलप्पुरम में ऑटो चालक की आत्महत्या को लेकर भाजपा ने यूडीएफ सरकार पर हमला बोला

तिरुवनंतपुरम, 30 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को आरोप लगाया कि अगर मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने अधिकारियों द्वारा लोगों को परेशान करने के लिए कथित तौर पर नियमों के दुरुपयोग को रोकने का अपना चुनावी वादा पूरा किया होता, तो मलप्पुरम के ऑटो चालक शौकत को आत्महत्या नहीं करनी पड़ती।

चंद्रशेखर ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि शौकत की आत्महत्या केरल के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में आम लोगों को झेलनी पड़ रही गंभीर परेशानी की ‘‘साफ तस्वीर’’ है।

उन्होंने दावा किया कि शौकत अपने ऑटोरिक्शा के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए पिछले 10 महीने से विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंटों के जरिए रिश्वत देने से इनकार करने के कारण उसकी फाइल को लंबित रखा गया।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘शौकत की आत्महत्या केरल के आरटीओ कार्यालयों में आम लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी को उजागर करती है।’’

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि माकपा के नेतृत्व वाली पिछली सरकार और कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की मौजूदा सरकार, दोनों के कार्यकाल में आरटीओ ‘‘भ्रष्टाचार के केंद्र’’ बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि सतीशन ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वाहनों में बदलाव के नाम पर अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर लोगों को परेशान करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नियमों में संशोधन किया जाएगा।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह वादा भी पूरा नहीं किया गया और ‘‘अन्य वादों की तरह यह भी सिर्फ बातों तक सीमित रह गया।’’

उन्होंने यूडीएफ सरकार पर उसे वोट देने वाले युवाओं के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

शौकत (33) मलप्पुरम में किझिस्सेरी के पास पुलियाकोड के मुंडपरंबु का रहने वाला था और ऑटोरिक्शा चालक के रूप में काम करता था। आरोप है कि बृहस्पतिवार को फेसबुक पर यह पोस्ट करने के बाद उसने आत्महत्या कर ली कि एजेंटों की मदद के बिना वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र लेने के लिए मोटर वाहन विभाग से संपर्क करने पर विभाग ने प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया।

परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन ने उप क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर रिपोर्ट मांगी है। वहीं, विभिन्न ऑटोरिक्शा चालक और कर्मचारी यूनियन ने विरोध मार्च निकाला।

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने भी शौकत की मौत के बाद राज्य सरकार की आलोचना की।

भाषा गोला वैभव

वैभव