Breaking News

ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन की शुरुआत, भारत मंडपम पहुंच रहे लीडर     |   सिक्किम के रिम्बी में भारी भूस्खलन, खतरे की जद में आए दो मकान     |   इंडोनेशिया में 240 लोगों को लेकर निकला जहाज समंदर में लापता     |   आंध्र प्रदेश में ट्रक और ऑटो की जोरदार टक्कर, हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत     |   कुलगाम में आतंकी नेटवर्क पर CIK का शिकंजा, कई इलाकों में तलाशी अभियान जारी     |  

अमेरिका ने सैन्य मदद करने वाले अफगानों के रिश्तेदार को मध्य अफ्रीकी गणराज्य भेजा

डकार (सेनेगल), 30 अगस्त (एपी) अमेरिका ने शनिवार को कई लोगों को मध्य अफ्रीकी गणराज्य निर्वासित किया, जिनमें एक अफगान नागरिक भी शामिल है, जिसके भाइयों ने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर काम किया था। यह जानकारी उसके वकील और एक मानवाधिकार संगठन ने दी।

इस अफगान नागरिक की उम्र 20 वर्ष के आसपास है। उसके वकील अल्मा डेविड ने बताया कि एक अमेरिकी न्यायाधीश ने तालिबान द्वारा उत्पीड़न की आशंका के कारण उसे अफगानिस्तान निर्वासित किए जाने से सुरक्षा प्रदान की थी।

‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को प्राप्त हुए अदालती दस्तावेजों के अनुसार, अफगानिस्तान में उसके परिवार को तालिबान की ओर से धमकियां मिली थीं, क्योंकि उसके भाइयों ने अमेरिकी सेना के समर्थन में काम किया था।

डेविड ने बताया कि इस अफगान नागरिक का एक भाई अमेरिका में रहता है और उसने अफगान राष्ट्रीय सेना में सेवा की थी। तालिबान के 2021 में सत्ता पर कब्जा करने से पहले अफगान राष्ट्रीय सेना अमेरिकी सेना के साथ मिलकर काम करती थी।

उन्होंने बताया कि उसका एक अन्य भाई अमेरिका में प्रशिक्षित पायलट था, जिसकी तालिबान ने हत्या कर दी थी।

मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स फर्स्ट’ की शरणार्थी एवं आव्रजन अधिकार नीति निदेशक सावी आर्वे ने बताया कि शनिवार को मध्य अफ्रीकी गणराज्य की राजधानी बांगुई पहुंची उड़ान में 12 अफगान और आठ ईरानी नागरिकों के अलावा नेपाल और निकारागुआ के कई लोग भी शामिल थे।

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, कई बार गुप्त रखे गए समझौतों की एक शृंखला के तहत ट्रंप प्रशासन ने हजारों लोगों को उनके अपने देश के बजाय करीब दो दर्जन अन्य देशों में निर्वासित किया है। यह कदम प्रशासन द्वारा आव्रजन पर सख्ती जारी रखने के बीच उठाया गया है।

आव्रजन मामलों के वकीलों का कहना है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल कानूनी खामी के रूप में किया जा रहा है, जिसके जरिए कुछ शरण मांगने वालों को अप्रत्यक्ष रूप से उन देशों में वापस भेजा जा रहा है, जहां से वे भागकर आए थे।

शनिवार की उड़ान जून के बाद मध्य अफ्रीकी गणराज्य के लिए दूसरी निर्वासन उड़ान थी। जून में भेजी गई उड़ान में करीब 24 प्रवासी शामिल थे, जिनमें एक ईरानी महिला भी थी, जिसे अपने देश में उत्पीड़न का सामना करने का खतरा था।

एपी गोला वैभव

वैभव