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केरलम के कांग्रेस नेताओं ने संस्मरण को लेकर विवाद के बीच सोनिया गांधी का समर्थन किया

तिरुवनंतपुरम, 28 अगस्त (भाषा) कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के संस्मरण ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ के प्रकाशन को लेकर जारी विवाद के बीच केरलम के मंत्रियों ने शुक्रवार को उनका समर्थन किया।

यह प्रतिक्रिया पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के यह कहने के बाद आई कि वह सोनिया गांधी के संस्मरण की प्रकाशक नहीं है।

इस महीने की शुरुआत में पेंगुइन रैंडम हाउस की एक इकाई अमेरिकी प्रकाशक अल्फ्रेड ए. नॉफ ने घोषणा की थी कि किताब का 10 नवंबर को विमोचन किया जाएगा।

यह बयान ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के बाद आया था, जिसमें दावा किया गया था कि गांधी की पांडुलिपि में “संपादकीय बदलाव” करने से इनकार करने के बाद प्रकाशक पीछे हट गया था।

उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने फेसबुक पोस्ट में संस्मरण में बदलाव करने से इनकार करने के लिए सोनिया गांधी की प्रशंसा की।

जॉन ने कहा कि सोनिया गांधी शुरू में राजनीति से दूर रहना चाहती थीं, लेकिन बाद में परिस्थितियों के कारण उन्होंने कांग्रेस का नेतृत्व संभाला।

उन्होंने कहा, “अपने जीवन के बारे में बिना कुछ छिपाए और अपने फायदे के लिए बातों को बदले बिना लिखने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए। सोनिया गांधी में यह हिम्मत है। उन्होंने अपने जीवन को एक खुली किताब की तरह सामने रखने का साहस दिखाया है।”

राजस्व मंत्री ए. पी. अनिल कुमार ने भी सोनिया गांधी का समर्थन किया और कहा कि उनका जीवन भारत के राजनीतिक इतिहास का हिस्सा है, जिसे दोबारा नहीं लिखा जा सकता।

अनिल कुमार ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि सोनिया गांधी का संस्मरण सिर्फ एक राजनीतिक नेता की आत्मकथा नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत दुख, त्याग और राजनीतिक चुनौतियों से भरे उनके जीवन का दस्तावेज है।

भाषा जोहेब माधव

माधव