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‘कोई संकट सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता’, BRICS शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन बोले PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन वैश्विक तनाव के बीच ब्रिक्स देशों से बेहतर तैयारी और संकट से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। भारत मंडपम में ‘Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth’ विषय पर आयोजित खुले सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिसका आम लोगों के जीवन पर व्यापक नकारात्मक असर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने यह दिखाया है कि मौजूदा दौर में किसी भी संकट का असर एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। ऐसे में ब्रिक्स समूह के भीतर लचीलापन बढ़ाने, चुनौतियों की समय रहते पहचान करने, उनसे निपटने के लिए तैयार रहने और तुरंत कार्रवाई करने पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि ब्रिक्स देशों के बीच संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए एकीकृत अर्ली वार्निंग सिस्टम बनाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं। इससे संभावित आपदाओं की पहले से पहचान करने और समय रहते प्रभावी कदम उठाने में मदद मिलेगी।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिक्स देशों के नेताओं ने भारत मंडपम में ग्रुप की फैमिली फोटो खिंचवाई। तस्वीर में पीएम मोदी बीच में खड़े नजर आए, जबकि उनके साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग मौजूद रहे। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। इस साल भारत की अध्यक्षता के मुख्य आधार लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता हैं।

शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन पीएम मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इनमें दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी, बुरुंडी के राष्ट्रपति इवरिस्ते नदायिशिमिये शामिल हैं। इसके अलावा पीएम मोदी युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा से भी मुलाकात करेंगे।

इससे पहले शनिवार को ब्रिक्स नेताओं ने सर्वसम्मति से न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन को मंजूरी दी थी। पीएम मोदी ने इसे ऐसे ब्रिक्स का प्रतिबिंब बताया था, जिसकी पहुंच व्यापक और उद्देश्य अधिक मजबूत हैं। घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता जताई गई और सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की गई। साथ ही इजरायल-फिलिस्तीन विवाद के स्थायी समाधान के लिए दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन को दोहराया गया। ब्रिक्स देशों ने एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों को तत्काल समाप्त करने की मांग भी की। इसके अलावा बढ़ती संरक्षणवादी नीतियों, मनमाने टैरिफ और व्यापार में बाधा डालने वाले उपायों को लेकर चिंता जताई गई।