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नाटो महासचिव ने अमेरिका के राष्ट्रपति से मुलाकात की

वाशिंगटन, 25 जून (एपी) नाटो महासचिव मार्क रूट ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की और उस सैन्य गठबंधन के बारे में अपना पक्ष रखा, जिसकी अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार आलोचना करते रहे हैं।

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब पेंटागन यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के आकार की समीक्षा कर रहा है।

ट्रंप लंबे समय से नाटो की आलोचना करते रहे हैं। उनका तर्क है कि सैन्य खर्च का बोझ अमेरिका अपनी उचित हिस्सेदारी से कहीं अधिक उठा रहा है। लेकिन ईरान युद्ध के बाद उनकी नाराजगी और अधिक मुखर हो गई, क्योंकि वह इस बात से खफा थे कि नाटो के कुछ सदस्य देशों ने बंद पड़े होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल कारोबार को फिर से शुरू कराने में सहयोग की उनकी अपील को अनुसना कर दिया।

ट्रंप ने 77 वर्ष पुराने इस सैन्य गठबंधन से अमेरिका को अलग करने की अपनी धमकियों को दोहराया है, जिससे अगले महीने तुर्की में होने वाले नाटो नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले परिस्थितियां जटिल हो गई हैं।

वहीं, ट्रंप को प्रभावित करने और उनके साथ संवाद स्थापित करने की क्षमता के कारण ‘ट्रंप व्हिस्परर’ के रूप में पहचाने जाने वाले रूट बुधवार को उन्हें संतुष्ट करने और मनाने की कोशिश में दिखाई दिए।

ओवल ऑफिस में ट्रंप के साथ बैठक के दौरान रूट ने नरमी से लेकिन स्पष्ट ढंग से असहमति जताते हुए कहा, ‘‘मुझे पता है कि कुछ छिटपुट घटनाएं हुई हैं, जिनसे आप वास्तव में निराश हैं, लेकिन सामान्य तौर पर आपके यूरोपीय सहयोगी आपके साथ खड़े रहे हैं।’’

नाटो प्रमुख ने यह भी उल्लेख किया कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने से पहले यूरोप स्थित सैन्य अड्डों से अमेरिका के 4,000 से 5,000 विमान उड़ान भर चुके थे।

यह टिप्पणी ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने रूट का परिचय कराते हुए कहा था कि ‘‘हाल की हमारी छोटी-सी सैन्य झड़प के दौरान वे हमारे प्रति बहुत अच्छे नहीं थे।’’

एपी रंजन वैभव

वैभव