Breaking News

बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे ने किया सरेंडर     |   सरेंडर के बाद कोर्ट में पेश हुए रमेश म्हात्रे, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए     |   सोनम वांगचुक केस: पत्नी ने SC का दरवाजा खटखटाया, सोमवार को जल्द सुनवाई की मांग     |   नागालैंड के मोन में भारी लैंडस्लाइड, 3 की मौत, 4 लोग अब भी मलबे में फंसे     |   लगातार पांचवीं बार महंगी हुई CNG, अहमदाबाद में ₹90.02 प्रति किलो हुई कीमत     |  

आईओसी ने 100 मिलियन डॉलर का नया कोष बनाया, ओलंपिक खिलाड़ियों को मिलेंगे नकद अनुदान

लुसाने, 24 जून (एपी) अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ओलंपिक खिलाड़ियों के लिए 100 मिलियन डॉलर का नया कोष बनाने की घोषणा की है। इस फंड के तहत खिलाड़ियों को नकद अनुदान (ग्रांट) दिया जाएगा।

आईओसी का यह कदम उन खिलाड़ियों के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है, जो ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेते हैं। हालांकि इसे आधिकारिक रूप से “पुरस्कार राशि” नहीं कहा जाएगा, लेकिन यह राशि सीधे खिलाड़ियों तक पहुंचेगी। खिलाड़ी इन अनुदानों के लिए खेलों में भाग लेने के बाद आवेदन कर सकेंगे।

यह निर्णय लंबे समय से चल रही उस मांग के बाद आया है जिसमें ओलंपिक पदक विजेताओं को सीधे पुरस्कार राशि देने की बात कही जा रही थी, लेकिन आईओसी ने इसका विरोध किया था।

आईओसी सदस्य और पूर्व एनबीए स्टार पाउ गैसोल ने इस योजना की घोषणा की। यह योजना सबसे पहले 2026 के मिलान–कोर्टिना शीतकालीन ओलंपिक में भाग लेने वाले लगभग 2,900 खिलाड़ियों के लिए लागू होगी।

इसके बाद 2028 लॉस एंजिल्स ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भाग लेने वाले लगभग 11,000 खिलाड़ी भी इस योजना के तहत लगभग 110 मिलियन डॉलर के अनुदान के लिए पात्र होंगे, बशर्ते वे डोपिंग जैसे मानकों पर खरे उतरें।

पाउ गैसोल ने कहा, “यह हम सभी की जीत है।”

उन्होंने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि यह पुरस्कार राशि का हिस्सा नहीं है।

यह घोषणा आईओसी अध्यक्ष किर्स्टी कोवेंट्री की रणनीतिक बैठक के दौरान की गई, जो उनके पदभार संभालने के एक वर्ष पूरे होने पर आयोजित हुई थी।

ओलंपिक पदक विजेताओं को सीधे पुरस्कार राशी देने की नीति को लेकर पहले भी बहस हुई थी। विश्व एथलेटिक्स प्रमुख सेबेस्टियन कोए ने 2024 पेरिस ओलंपिक में ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों को 50,000 डॉलर देने की व्यवस्था की थी।

उन्होंने कहा, “यह ओलंपिक आंदोलन के लिए ऐतिहासिक क्षण है और मैं इस घोषणा के समय यहां मौजूद होकर बेहद खुश हूं।’’

भाषा आनन्द

आनन्द