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ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी ने समुद्री सुरक्षा के लिए एआई, उन्नत प्रौद्योगिकी पर जोर दिया

भुवनेश्वर, 24 जून (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को देश की तटरेखा की सुरक्षा के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) और अन्य आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि समुद्री सुरक्षा न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, बल्कि आर्थिक विकास और समुद्र पर निर्भर लाखों लोगों की आजीविका के लिए भी बहुत जरूरी है।

भुवनेश्वर में बहु-एजेंसी समुद्री सुरक्षा समूह की 14वीं बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए माझी ने कहा, ‘‘समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एआई, मानव हस्तक्षेप रहित प्रणाली और आधुनिक निगरानी नेटवर्क का इस्तेमाल समय की जरूरत है।’’

यह पहली बार है जब यह बैठक नयी दिल्ली से बाहर हो रही है।

उन्होंने कहा कि मछली पकड़ने वाली नौका में ‘नभमित्र’ ट्रांसपोंडर लगाना और ‘तटीय जीवंत ग्राम कार्यक्रम’ जैसी पहल समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मुख्यमंत्री ने समुद्री सीमा सुरक्षा में लगी भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, ओडिशा पुलिस और अन्य एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।

माझी ने 21वीं सदी को व्यापक रूप से ‘हिंद-प्रशांत सदी’ बताते हुए कहा कि भारत एक बड़ी समुद्री शक्ति के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह उच्च-स्तरीय राष्ट्रीय बैठक पहली बार ओडिशा में हो रही है। यह सहकारी संघवाद और देश के संघीय ढांचे के प्रति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

भाषा शफीक सुभाष

सुभाष