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दिल्ली पुलिस ने नौ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया

नयी दिल्ली, 23 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने नौ करोड़ रुपये के कथित 'राइस पुलर' घोटाले के सिलसिले में जयपुर से एक भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक कारोबारी को प्राचीन वस्तुओं में निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच देकर उससे करोड़ों रुपये ठग लिए। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

ईओडब्ल्यू ने एक बयान में कहा कि आरोपी सत्यनारायण अनोरिया (53) को अप्रैल 2020 में दर्ज एक मामले के सिलसिले में राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 2014 में अनोरिया और उसके सहयोगियों ने उनसे संपर्क कर दावा किया था कि उन्हें तथाकथित 'राइस पुलर' और रेडियोधर्मी दर्पण समेत दुर्लभ और प्राचीन कलाकृतियों के बारे में विशेषज्ञता हासिल है।

बयान में कहा गया है कि आरोपियों ने खुद को भारत और विदेशों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञ के रूप में कथित तौर पर प्रस्तुत किया और दावा किया कि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और पुरातत्व प्रयोगशालाओं जैसे संगठनों के वैज्ञानिक ही इन वस्तुओं की प्रामाणिकता की पुष्टि कर सकते हैं।

इसमें कहा गया, 'शिकायतकर्ता को समझाने के लिए, आरोपियों ने दावा किया कि इन कलाकृतियों में असाधारण वैज्ञानिक गुण हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत लगभग 11 करोड़ रुपये प्रति इंच है, तथा भविष्य के लेन-देन में भारी मुनाफे का वादा किया।'

पुलिस ने कहा कि इसके बाद शिकायतकर्ता को परीक्षण शुल्क, प्रमाणन शुल्क और अन्य खर्चों के नाम पर बड़ी रकम देने के लिए राजी किया गया। समय के साथ, उसने अलग अलग तरीके से लगभग नौ करोड़ रुपये स्थानांतरित कर दिए।

बयान में कहा गया, 'हालांकि, कोई वास्तविक परीक्षण नहीं किया गया और कोई प्राचीन वस्तुएं वितरित नहीं की गईं।'

पुलिस ने कहा कि ईओडब्ल्यू की एक टीम ने लगातार प्रयासों के बाद जयपुर में अनोरिया का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि अनोरिया पहले जयपुर नगर निगम में कार्यरत था, लेकिन इसी तरह की वित्तीय धोखाधड़ी के छह मामलों में कथित रूप से संलिप्त पाए जाने के बाद 2018 में उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। वह वर्तमान में एक मंदिर में पुजारी के रूप में काम कर रहा है।

पुलिस ने कहा कि कथित धोखाधड़ी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए प्रयास जारी हैं।

भाषा नोमान नोमान अविनाश

अविनाश