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इबोला से निपटने और टीका विकसित करने के लिए अफ्रीका को अपने संसाधन लगाने होंगे: अफ्रीका सीडीसी प्रमुख

अदीस अबाबा, 20 जून (एपी) अफ्रीका की शीर्ष स्वास्थ्य एजेंसी ने शुक्रवार को कहा कि कांगो और युगांडा में इबोला के प्रकोप से निपटने तथा इसके टीके विकसित करने के लिए अफ्रीकी देशों को अधिक धन उपलब्ध कराना होगा।

एजेंसी ने आगाह किया कि महाद्वीप अपनी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए विदेशी साझेदारों पर हमेशा निर्भर नहीं रह सकता।

अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने बताया कि 15 मई से अब तक इबोला के 894 मामलों की पुष्टि हुई है और 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है तथा संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों की संख्या 35,000 तक हो सकती है।

प्रकोप की पुष्टि कई सप्ताह की देरी से होने के कारण यह माना जा रहा है कि वास्तविक मामलों की संख्या इस आंकड़े से अधिक हो सकती है।

अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक जीन कसेया ने इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा में ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) से कहा कि यह संक्रमण अफ्रीका के लिए चेतावनी है कि वह अपने स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक निवेश करे और विदेशी साझेदारों पर निर्भरता कम करे।

कसेया ने कहा, ‘‘अगर यह संक्रमण यूरोप, अमेरिका या किसी अन्य महाद्वीप में फैला होता तो वहां अब तक इसका टीका और दवा विकसित कर ली गई होती।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक ऐसा महाद्वीप नहीं बने रहना चाहते जिसे हर दिन दूसरों से मदद मांगनी पड़े। हम ऐसे लोगों का महाद्वीप बनना चाहते हैं जो जानते हों कि उन्हें क्या करना है और सही कदम उठाने के कारण जिनका सम्मान किया जाए।’’

‘बुंडिबुजो’ वायरस के लिए अभी तक कोई स्वीकृत टीका या उपचार उपलब्ध नहीं होने के कारण संक्रमण से निपटने में मुश्किल आ रही है।

अफ्रीका सीडीसी प्रमुख ने कहा कि इबोला का प्रकोप अभी चरम पर नहीं पहुंचा है क्योंकि संक्रमित लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों की पहचान और उन पर नजर रखने के काम की गति धीमी है।

उन्होंने कहा कि अधिकारी अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि संक्रमण सबसे पहले किस व्यक्ति में फैला था और इसके अलावा, संक्रमित लोगों के संपर्क में आए 35,000 से अधिक व्यक्तियों का पता लगाना भी अभी बाकी है।

एपी सिम्मी शोभना

शोभना