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एनडीपीएस मामलों की सुनवाई के लिए हरियाणा में 13 और त्वरित अदालतें गठित होंगी

चंडीगढ़, 19 जून (भाषा) हरियाणा सरकार ने मादक पदार्थ पर रोकथाम से संबंधित ‘एनडीपीएस’ कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 13 और त्वरित विशेष अदालतें गठित करने के लिए अधिसूचना जारी की है।

शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह कदम मादक पदार्थ के तस्करों के खिलाफ़ असरदार कार्रवाई और मामलों के तेज़ी से निपटारे की दिशा में राज्य के लिए एक अहम उपलब्धि है। इसमें यह भी बताया गया कि अब हरियाणा में एनडीपीएस से संबंधित त्वरित विशेष अदालतों की संख्या 21 हो जाएगी।

बयान में कहा गया है कि हरियाणा के न्याय प्रशासन विभाग ने हाल में यह अधिसूचना जारी की है।

फरीदाबाद, गुरुग्राम, पंचकूला, रोहतक और यमुनानगर में एक-एक त्वरित अदालत गठित की जाएगी।

फतेहाबाद में ऐसी दो नयी अदालतों को मंज़ूरी दी गई है, जिससे वहां कुल अदालतों की संख्या तीन हो जाएगी। सिरसा में ऐसी छह नयी अदालतें गठित की जाएंगी, जिससे कुल संख्या बढ़कर सात हो जाएगी।

प्रारंभ में 13 अप्रैल 2022 को सिरसा और फतेहाबाद में एनडीपीएस मामलों के लिए दो त्वरित अदालतें गठित की गई थीं। इसके बाद तीन फरवरी 2023 को अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में छह और ऐसी अदालतें गठित की गईं।

वर्तमान में एनडीपीएस कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए आठ त्वरित अदालतें कार्यरत हैं। इनमें सिरसा, फतेहाबाद, अंबाला, हिसार, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र और पानीपत में एक-एक अदालत शामिल है।

इन नयी अदालतों को चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाने से एनडीपीएस मामलों के निपटारे में और तेजी आने तथा लंबित मामलों का बोझ कम होने की संभावना है।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने शुक्रवार को कहा, ‘‘मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस बात को लेकर दृढ़ हैं कि राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वाले मादक पदार्थ तस्करों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।’’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मादक पदार्थों के नेटवर्क को उसकी जड़ों से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है।

भाषा आशीष माधव

माधव