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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने मेकेदातु पर प्रस्ताव में विपक्ष के सुझाव को शामिल किया

(फोटो सहित)

चेन्नई, 19 जून (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने शुक्रवार को मेकेदातु बांध मुद्दे पर विधानसभा में एक प्रस्ताव में विपक्षी दल द्रमुक के सुझाए गए एक महत्वपूर्ण संशोधन को स्वीकार कर लिया।

राजनीतिक एकता दिखाते हुए, विधानसभा में प्रस्ताव पेश करने वाले विजय ने विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन का यह सुझाव मान लिया कि मेकेदातु विवाद को सुलझाने के लिए एक अलग न्यायाधिकरण बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने विधानसभाध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर से अनुरोध किया कि वे सरकार के प्रस्ताव में विपक्ष के सुझाव को शामिल करें। इस संशोधन को प्रस्ताव के चौथे अनुच्छेद के तुरंत बाद अतिरिक्त बिंदु के रूप में शामिल किया गया है। यह प्रस्ताव विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया।

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके नेतृत्व में इस न्यायाधिकरण को स्थापित करने के लिए उचित कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं और कानूनी विशेषज्ञों के साथ लगातार बातचीत भी चल रही है।

विजय ने कहा, ‘‘राजनीति का उद्देश्य जनता की सेवा होना चाहिए और जल अधिकार आजीविका से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। नदी के जल पर अधिकार सबसे महत्वपूर्ण अधिकार में से एक है, जिसकी रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।’’

उन्होंने प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए विधानसभा में मौजूद राजनीतिक दलों का धन्यवाद भी किया।

विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में कावेरी नदी पर मेकेदातु में संतुलन जलाशय बनाने के कर्नाटक सरकार के एकतरफा रुख का कड़ा विरोध किया गया। साथ ही, इसमें कावेरी नदी घाटी को लेकर तमिलनाडु के रुख को भी मजबूती से दोहराया गया।

इससे पहले सदन को संबोधित करते हुए, विजय ने विधायकों से सरकार की पहल का समर्थन करने की पुरजोर अपील की और इस बात पर ज़ोर दिया कि नदी के पानी के अधिकार राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर हैं।

भाषा आशीष माधव

माधव