Breaking News

कॉकरोच जनता पार्टी ने कोलकाता में कल प्रोटेस्ट के लिए पुलिस से इजाज़त मांगी     |   जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक आंशिक रूप से बहाल, अभी हल्के वाहनों को अनुमति     |   बिहार में पेपर लीक अब माना जाएगा संगठित अपराध, सम्राट चौधरी सरकार का बड़ा फैसला     |   किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रोटेस्ट को समर्थन दिया     |   राहुल गांधी के आवास पर बैठक के बाद इंडिया ब्लॉक सांसद गांधी स्मृति के लिए रवाना     |  

अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है:योगी आदित्यनाथ

(तस्वीरों के साथ)

अयोध्या (उप्र), 19 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर संदेह जताया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) सच्चाई सामने लाएगा।

अयोध्या के श्री मणिराम दास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की 88 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक समारोह में आदित्यनाथ ने राम मंदिर में दान राशि के दुरुपयोग के आरोपों की एसआईटी जांच के बीच यह टिप्पणी की।

मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध के बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी जो इन आरोपों की जांच कर रही है कि मंदिर के दान का पैसा गायब हो गया है।

विवाद का जिक्र करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘अयोध्या को बदनाम करने और श्री राम जन्मभूमि के बारे में सवाल उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी भारत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा है, साजिशकर्ताओं की नींद उड़ गई है और वे साजिश रचने लगे हैं। वही साजिश फिर से शुरू हो गई है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘जो लोग कभी अयोध्या नहीं आए, वे आज राम भक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया और राम भक्तों की आस्था का अपमान किया, वे अब राम भक्ति के बारे में बात कर रहे हैं।’’

उन्होंने संतों और भक्तों से विवाद में न पड़ने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘इन साजिशों में पड़ने की कोई जरूरत नहीं है। हम भगवान राम के भक्त हैं और हमें उनकी मर्यादा (आचरण और मूल्यों) को बनाए रखना चाहिए।'

भगवान राम के जीवन का उदाहरण देते हुए, आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने 14 साल का वनवास स्वीकार किया लेकिन कभी भी अपने पिता की आज्ञा का उल्लंघन नहीं किया। हमें भी अपने आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध रहना चाहिए और इस अवसर का उपयोग धर्म एवं राम राज्य की स्थापना के लिए करना चाहिए।’’

जांच के दौरान धैर्य रखने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘हमने 500 साल इंतजार किया। क्या हम 15 दिन इंतजार नहीं कर सकते? हमें किसी की साजिश में नहीं फंसना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एसआईटी का गठन किया गया है और यह दूध का दूध एवं पानी का पानी अलग कर देगी। अगर किसी के पास सबूत है तो उन्हें इसे एसआईटी को सौंपना चाहिए और इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। जो भी आरोप लगाएगा उसे नोटिस मिलने पर सबूत देना होगा।’’

उन्होंने चरित्र हनन और अनावश्यक सार्वजनिक टिप्पणियों के प्रति भी आगाह किया।

आदित्यनाथ ने कहा,‘‘प्रत्येक व्यक्ति की एक गरिमा है। अयोध्या की पहचान भगवान राम की मर्यादा से जुड़ी है। याद रखें, अयोध्या की पहचान भगवान श्री राम की मर्यादा है।’’

कथित दान निधि गबन ने सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सात जून को उन रिपोर्टों का हवाला दिया था जिनमें दावा किया गया था कि मंदिर में चढ़ाए गए दान के करोड़ों रुपये गायब हैं और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी।

इससे पहले अपने संबोधन में, आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हें महंत नृत्य गोपाल दास की जयंती समारोह और राम कथा कार्यक्रम की शुरुआत में भाग लेने में खुशी हुई।

पिछले दशक में अयोध्या के बदलाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर शहर में नाटकीय बदलाव आया है।

उन्होंने कहा, 'अयोध्या आज भारत और दुनिया भर में हर किसी की जुबान पर है। याद करें कि नौ या दस साल पहले अयोध्या कैसी थी - संकरी सड़कें, यातायात जाम, गंदगी, सुरक्षा की कमी और राम की पैड़ी की उपेक्षा।'

उन्होंने आरोप लगाया, ''उस समय, अगर कोई गलती से भी 'जय श्री राम' का नारा लगा देता था, तो पुलिस की लाठियां उन पर टूट पड़ती थीं। लोगों ने अयोध्या और उसके संतों का मजाक उड़ाया और उनका अपमान किया।''

वर्तमान स्थिति से तुलना करते हुए, आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘आज अयोध्या का कोई संत भारत या विदेश में जाता है, लोग यह सुनकर श्रद्धा व्यक्त करते हैं कि वह इस पवित्र शहर से आए हैं।'

उन्होंने कहा, 'अयोध्या, उत्तर प्रदेश और देश का यह सम्मान भगवान श्री राम के कारण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डबल इंजन सरकार के प्रयासों के कारण बढ़ा है।'

उन्होंने कहा, 'अयोध्या की पहचान भगवान राम की मर्यादा से जुड़ी है, काशी की पहचान भगवान शिव की आध्यात्मिक ऊर्जा से है और प्रयागराज की पहचान सनातन धर्म के महान समागम से है। हमें इन पहचानों को लुप्त होने या विवाद का विषय नहीं बनने देना चाहिए।'

किसी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वही लोग जो पहले कुंभ जैसे आयोजनों पर सवाल उठाते थे, अब अयोध्या को लेकर विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कुंभ के आयोजन की आलोचना की थी और राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया था, वे अब अयोध्या में 'कीचड़ फेंक' रहे हैं।

भाषा चंदन जफर राजकुमार

राजकुमार