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सिलिगुड़ी, 19 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में बालासन नदी पर बने एक अस्थायी पुल का हिस्सा भारी बारिश के कारण शुक्रवार को ढह जाने से सिलिगुड़ी और मिरिक तहसील के बीच वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अक्टूबर 2025 में दुधिया स्थित लोहे का पुल ढह जाने के बाद एक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में यह अस्थायी पुल बनाया गया था।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से दुधिया स्थित अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का एक हिस्सा ढह गया।’’
उन्होंने बताया कि वाहनों की आवाजाही फिलहाल पंखाबाड़ी और कर्सियांग मार्गों से वैकल्पिक रास्तों के जरिये हो रही है।
दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने क्षेत्र में बार-बार सामने आ रही इस तरह की समस्याओं के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा सांसद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘लोहे का पुल ढहने के बाद तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार स्थायी पुल नहीं बना सकी। अस्थायी पुल भी ठीक से नहीं बनाया गया था और भारी बारिश के दौरान ऐसी समस्या पैदा होने की पूरी आशंका थी।’’
उन्होंने कहा कि यदि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) या सेना की मदद से बेली पुल का निर्माण किया गया होता तो समस्या का एक दीर्घकालिक समाधान हो सकता था।
बिष्ट ने कहा कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) स्थायी पुल परियोजना के लिए पहुंच मार्ग और उससे संबंधित बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बांध के बिना केवल पुल का निर्माण इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा, ‘‘बांध के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पहले ही तैयार कर तकनीकी समीक्षा के लिए यादवपुर विश्वविद्यालय को भेजी जा चुकी है। मानसून समाप्त होने के बाद बांध निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। यही इस समस्या का एकमात्र दीर्घकालिक समाधान है।’’
राज्य के लोक निर्माण मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दार्जिलिंग पहाड़ियों में बृहस्पतिवार रात हुई भारी बारिश के कारण अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
उन्होंने कहा, 'लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और जलस्तर घटते ही मरम्मत कार्य तत्काल शुरू किया जाएगा। विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जल्द से जल्द संपर्क बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है।'
पोद्दार ने कहा कि करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे नए स्थायी दुधिया पुल का निर्माण कार्य जारी है और इसे फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने बालासन नदी पर स्थायी दो-लेन पुल के निर्माण को मंजूरी दी है।
इस बीच, केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पिछले वर्ष अक्टूबर में अचानक आई बाढ़ के दौरान पुराना दुधिया पुल बह गया था। नदी में जलप्रवाह अधिक होने और लगातार कटाव के कारण उसी स्थान पर (मिरिक मार्ग पर) निर्माणाधीन नया पुल भी खतरे में है।’’
भाषा राखी माधव
माधव