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विशेष चुनाव में लेबर पार्टी के एंडी बर्नहैम की जीत, स्टॉर्मर को चुनौती देने की जमीन तैयार

लंदन, 19 जून (एपी) लेबर पार्टी के नेता एवं ग्रेटर मैनचेस्टर के महापौर एंडी बर्नहैम ने संसद की एक सीट के लिए हुए एक विशेष चुनाव में जीत दर्ज कर ली और इसी के साथ वह संकट में घिरे प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के नेतृत्व को चुनौती देने की स्थिति में आ गए हैं।

बर्नहैम ने उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के मेकरफील्ड में हुए मुकाबले में आव्रजन विरोधी पार्टी ‘रिफॉर्म यूके’ के रॉब केन्यन को हराया।

शुक्रवार को घोषित इस जीत ने लेबर पार्टी और देश के नेता के तौर पर स्टॉर्मर की जगह लेने के प्रमुख दावेदार के रूप में बर्नहैम (56) की स्थिति और मजबूत कर दी है।

बर्नहैम ने लगभग 55 प्रतिशत मत हासिल किये और उन्होंने दूसरे स्थान पर रहे केन्यन से नौ हजार से अधिक मतों की बढ़त हासिल की।

जीत के मौके पर बर्नहैम द्वारा दिये गये भाषण से यह स्पष्ट हो गया कि वह देश का नेतृत्व करना चाहते हैं, न कि केवल 650 सीट वाली ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में लेबर पार्टी के 400 से अधिक सांसदों में से एक बनकर रहना चाहते हैं।

‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ ब्रिटेन की संसद का निचला सदन है।

बर्नहैम ने वादा किया है, ‘‘अगर लोग मुझ पर भरोसा जताते हैं तो मैं राजनीति को बदल दूंगा।’’ उन्होंने कहा कि वह बदलाव की लड़ाई को ‘‘जितना हो सके, उतने ऊंचे स्तर तक ले जाएंगे।’’

स्टॉर्मर ने बर्नहैम को जीत की बधाई दी और ‘एक्स’ पर लिखा कि मतदाताओं ने “विभाजन और नफरत के बजाय लेबर पार्टी के सकारात्मक अभियान को चुना।’’

उन्होंने साथ ही कहा कि वह उन्हें पद से हटाने के प्रयासों का विरोध करेंगे।

स्टॉर्मर ने कहा, ‘‘वह ‘पीछे नहीं हटेंगे’ और यदि लेबर पार्टी में नेतृत्व के लिए कोई मुकाबला होता है, तो वह उसमें हिस्सा लेंगे।’’

जुलाई 2024 के चुनाव में मध्यमार्गी-वामपंथी लेबर पार्टी को भारी जीत दिलाने के कुछ वक्त बाद से स्टॉर्मर की लोकप्रियता तेजी से गिरी है।

वह आर्थिक विकास के अपने वादे को पूरा करने, बदहाल सार्वजनिक सेवाओं को सुधारने और महंगाई से लोगों को राहत दिलाने में जूझते रहे हैं। कई गलत फैसलों ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ाई हैं। इनमें विवादों में रहे जेफ्री एप्स्टीन के मित्र पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने का फैसला भी शामिल है।

मई में हुए स्थानीय चुनावों में पार्टी के बेहद खराब प्रदर्शन के बाद लेबर पार्टी के कई सांसदों ने स्टॉर्मर के इस्तीफे की मांग की थी। स्टॉर्मर ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया था, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता नेतृत्व में बदलाव के लिए उन पर दबाव बना रहे हैं।

वेस स्ट्रीटिंग ने मई में स्वास्थ्य मंत्री के पद से इस्तीफा देते हुए कहा था, ‘‘जहां हमें दूरदृष्टि की जरूरत है, वहां खालीपन है।’’

इसके बाद मेकरफील्ड से लेबर पार्टी के सांसद जोश साइमंस ने इस्तीफा दे दिया, जिससे उपचुनाव का रास्ता खुला और बर्नहैम को संसद में लौटने का मौका मिला।

ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में सत्तारूढ़ दल कार्यकाल के बीच में अपना नेता बदल सकता है और नया नेता राष्ट्रीय चुनाव कराए बिना प्रधानमंत्री बन जाता है।

लेबर पार्टी के नियमों के तहत कोई सांसद पार्टी नेता को तभी चुनौती दे सकता है, जब उसे ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में पार्टी के पांचवें हिस्से के सांसदों का समर्थन हासिल हो। फिलहाल इसके लिए 81 सांसदों का समर्थन जरूरी है।

मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर रॉब फोर्ड ने कहा कि अब जब बर्नहैम संसद में वापस आ गए हैं, तो स्टॉर्मर पर अब ‘‘अधिक दबाव होगा।’’

फोर्ड ने कहा कि मेकरफील्ड में ‘रिफॉर्म यूके’ को हराने से बर्नहैम का यह दावा मजबूत होता है कि वह लेबर पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण और मजबूत नेता हैं।

एपी

देवेंद्र रंजन

रंजन