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बीएआई ने न्यायाधीशों के लंदन बैडमिंटन दौरे के बारे में ‘गलत’ जानकारी के खिलाफ अदालत का रुख किया

नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर उस ‘गलत’ जानकारी को हटाने के निर्देश देने की मांग की जिसमें दावा किया गया था कि कई भारतीय न्यायाधीशों और केंद्रीय मंत्रियों ने इस महीने की शुरुआत में लंदन में सरकार द्वारा प्रायोजित बैडमिंटन टूर्नामेंट में करदाताओं के पैसे से हिस्सा लिया था।

इस मामले को न्यायमूर्ति तेजस करिया की अवकाश पीठ के सामने तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया गया।

संघ के वकील ने कहा कि वायरल हो रही जानकारी दिन-ब-दिन फैल रही है और खेल की बदनामी हो रही है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जनहित याचिका का अग्रिम नोटिस मिलने पर अदालत से तत्काल सुनवाई का अनुरोध भी किया।

मेहता ने कहा, ‘‘फर्जी खबरें फैल रही हैं। फैक्ट चेक किया गया था लेकिन यह अब भी फैल रही है। इससे अदालत की बदनामी होती है। मामले को आज ही सूचीबद्ध किया जा सकता है।’’

न्यायमूर्ति करिया ने मामले को आज सूचिबद्ध करने पर सहमति जताई, बशर्ते दोपहर ढाई बजे तक कमियों को दूर कर लिया जाए।

बीएआई की याचिका में न्यायपालिका और खेल संस्था की प्रतिष्ठा को और नुकसान से बचाने के लिए सभी सोशल मीडिया और समाचार मंचों से इन ‘दुर्भावनापूर्ण पोस्ट’ को तुरंत हटाने की मांग की गई है।

यह विवाद हाल ही में सोशल मीडिया पर आई उन पोस्ट से शुरू हुआ जिनमें आरोप लगाया गया था कि लगभग 75 भारतीय न्यायाधीशों ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ मिलकर लंदन की यात्रा की थी जिससे कि सरकारी खजाने से पोषित खेल आयोजन में भाग ले सकें।

हालांकि सरकार के फैक्ट चेक विंग ‘पीआईबी फैक्ट चेक’ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता