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केरल के संशोधित बजट में समावेशी विकास एवं सतत बुनियादी ढांचा विकास पर जोर

तिरुवनंतपुरम, 19 जून (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री वी. डी. सतीशन ने 2026–27 का संशोधित बजट शुक्रवार को विधानसभा में पेश किया।

इसमें ‘न्यू केरल’ की परिकल्पना को दोहराया गया, जिसमें समावेशी विकास एवं सतत बुनियादी ढांचा विकास पर जोर दिया गया है।

गंभीर वित्तीय दबाव, छिपी देनदारियों, कम धन प्रेषण और मुद्रास्फीति को सरकार के सामने प्रमुख चुनौतियां बताते हुए मुख्यमंत्री ने ‘मिशन समुद्र’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बंदरगाह-आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाना और राज्य को एक वैश्विक समुद्री एवं आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना है।

सतीशन ने कहा कि सरकार व्यापक विकास रणनीतियों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को गति देने, विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने, सरकारी खजाने के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने और धन के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, ‘‘ इन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए सरकार ने प्रमुख पहलों की रूपरेखा तैयार की है।’’

सरकार का लक्ष्य केरल की 600 किलोमीटर लंबी तटीय रेखा, दो अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह, एक कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, 17 छोटे बंदरगाहों और अन्य जल संसाधनों को एकीकृत कर अगले पांच वर्षों में राज्य को वैश्विक समुद्री मानचित्र पर अग्रणी बनाना है।

इस दृष्टिकोण के तहत सड़क, बंदरगाह, रेलवे, आंतरिक जलमार्ग, औद्योगिक क्षेत्र और नए शहरों को जोड़कर केरल को एक बंदरगाह-आधारित आर्थिक परिवेश विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ‘मिशन समुद्र’ परियोजना के लिए 400 करोड़ रुपये का आवंटन किया जाएगा।

साथ ही, राज्य के चार हवाई अड्डों के आसपास विमानन और लॉजिस्टिक केंद्र विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि इसके अलावा, निवेश आकर्षित करने और व्यवसायिक बाधाओं को दूर करने के लिए एक डेटा-आधारित ‘निवेश केरल’ प्रकोष्ठ भी शुरू किया जाएगा।

इंदिरा गारंटी के अपने प्रमुख वादों में से एक को पूरा करते हुए, सरकार ने ओमन चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए बजट में 10 करोड़ रुपये आवंटित किए। यह योजना राज्य के प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा ‘कवरेज’ प्रदान करती है।

बजट में एक अन्य इंदिरा गारंटी पहल के तहत केएसआरटीसी बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए मुफ्त यात्रा हेतु 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसका पहला चरण हाल ही में शुरू किया गया है।

इसके अलावा, राज्य की बुजुर्ग आबादी के कल्याण के लिए ‘सिल्वर इकॉनोमी’ (वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां) के विकास के तहत 10 करोड़ रुपये, तिरुवनंतपुरम एवं कोझिकोड में ‘लाइट मेट्रो’ स्थापित करने के प्रारंभिक कार्य के लिए 20 करोड़ रुपये, मालाबार क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों का फुटबॉल स्टेडियम स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। साथ ही रबर के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को 200 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया।

सतीशन ने साथ ही कहा कि परियोजना योजना कोष को एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) प्रशासन द्वारा पहले घोषित 35,000 करोड़ रुपये से घटाकर 30,300 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अनुसूचित जाति/जनजाति तथा पिछड़े वर्गों के लिए वित्तीय पैकेज में वृद्धि की घोषणा की गई है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा