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मुख्य निर्वाचन आयुक्त के राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का ‘सदस्य’ होने पर आश्चर्य है : दिग्विजय

भोपाल, 18 जून (भाषा) अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के बीच मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बृहस्पतिवार को आश्चर्य जताया कि ‘‘मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार भी इस ट्रस्ट के सदस्य हैं।’’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी तरह जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया है, वे सभी ट्रस्ट के कथित भ्रष्टाचार से सकते में हैं।

पिछले दिनों कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने भी दावा किया था कि ज्ञानेश कुमार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से पदेन सदस्य के रूप में जुड़े हुए थे।

राय ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया था कि ट्रस्ट की वेबसाइट पर ज्ञानेश कुमार का नाम अब भी पूर्व पदेन सदस्य के रूप में दर्ज है। हालांकि, जब ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा गया, तो पदेन सदस्य के रूप में ज्ञानेश कुमार का कोई जिक्र नहीं मिला।

मौजूदा विवादों के बीच, निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ज्ञानेश कुमार वर्तमान में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य नहीं हैं।

दिग्विजय ने भोपाल में संवाददाताओं के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “राम मंदिर के मामले में हम सब लोग... जिन्होंने चंदा दिया है, वे आश्चर्यचकित हैं। आश्चर्यचकित हैं कि किस तरह का भ्रष्टाचार वहां हुआ है।”

उन्होंने कहा, “हम यह भी देख रहे हैं कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस ट्रस्ट के सदस्य हैं। यह भी अजीब बात है।”

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट से यह जानकारी सामने आई है कि ज्ञानेश कुमार का नाम वर्तमान में 15-सदस्यीय समिति के सदस्यों में शामिल नहीं है।

हालांकि, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे के कामकाज में शामिल थे। लेकिन वह समिति में सक्रिय सदस्य नहीं थे।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सात जून को सामने आया, जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि राम मंदिर को चढ़ावे और चंदे के रूप में मिले करोड़ों रुपये गायब हैं।

अखिलेश ने अदालत से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया था।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि की चोरी और वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों की जांच के लिए ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।

सरकार के अनुसार, ट्रस्ट ने तथ्यों का पता लगाने और राम मंदिर की छवि खराब करने के प्रयासों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एसआईटी ने बुधवार को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और प्रशासक गोपाल राव से पूछताछ की। जांच टीम ने दान राशि की गिनती करने और ट्रस्ट का रिकॉर्ड रखने वाले लोगों से भी पूछताछ की।

इस विवाद के बाद तीन व्यक्तियों ने अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई है, जिनमें मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है, लेकिन अब तक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया है। मंदिर ट्रस्ट ने भी इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।

भाषा ब्रजेन्द्र शफीक

शफीक