नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने नालों से गाद निकालने के पहले चरण का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है जबकि 30 जून की निर्धारित समयसीमा में अभी एक माह का समय शेष है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
एमसीडी के आंकड़ों से पता चला है कि 19 मई तक पहले चरण के 1,41,003 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 793 प्रमुख नालों से 1,12,053.68 मीट्रिक टन गाद हटाई जा चुकी है। गाद निकासी का अब तक 79.47 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
चार फुट से कम गहरे नालों के लिए 25,850.74 मीट्रिक टन के लक्ष्य के मुकाबले 25,812.99 मीट्रिक टन गाद हटाई जा चुकी है, और काम लगभग 99.85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस श्रेणी में शहर भर के 12,116 नाले शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, सिविल लाइंस जोन ने लक्ष्य से अधिक काम करते हुए 109.08 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है, जबकि रोहिणी और केशवपुरम जोन में 97 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की गई है।
वहीं, नजफगढ़ जोन, जहां 133 बड़े नाले हैं और यह संख्या सबसे अधिक है, वहां 65.91 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा, मध्य जोन में 76.67 प्रतिशत और दक्षिण जोन में 79.74 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।
आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया कि शहर के कई हिस्सों में नालों की सफाई का काम अधूरा है और आगाह किया कि मानसून के दौरान दिल्ली में जलभराव हो सकता है।
एमसीडी में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने दावा किया कि शाहदरा और नजफगढ़ समेत प्रमुख नालों की पर्याप्त सफाई नहीं हुई है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या बारिश शुरू होने से पहले नालों से गाद निकासी का शेष कार्य पूरा किया जा सकेगा।
हालांकि, एमसीडी अधिकारियों ने कहा कि गाद निकालने का काम तय समय के अनुसार हो रहा है और मानसून के मौसम से पहले पूरा हो जाएगा।
भाषा आशीष सुभाष
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