गिर सोमनाथ, 31 मई (भाषा) पिछले तीन दिन में शेरों में ‘बेबेसिया’ संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जबकि 17 शेरों की निगरानी की जा रही है। गुजरात के वन मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया ने रविवार को यह जानकारी दी।
मोढवाडिया संदिग्ध संक्रमण के कारण आठ शावकों की मौत के बाद की स्थिति की समीक्षा करने के लिए गिर शेर क्षेत्र स्थित जमवाला बचाव केंद्र, बाबरिया वन क्षेत्र और जसधार पशु देखभाल केंद्र गये।
उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल कुल 17 शेरों को निगरानी में रखा गया है। पिछले तीन दिन में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। इसके अलावा, आसपास के इलाकों और निकटवर्ती क्षेत्रों में मौजूद शेरों पर भी नजर रखी जा रही है। चिकित्सकों की एक टीम लगातार काम कर रही है।’’
गिर अभयारण्य के बाहर के राजस्व क्षेत्रों में, विशेष रूप से गिर सोमनाथ के गिर गढ़ाडा और अमरेली जिले के बाबरा कोट में, ‘बेबेसिया’ संक्रमण के संदेह के कारण शेरों की मौत की खबरें सामने आई हैं।
बेबेसिया परजीवी जनित रोग है, जो किलनी (टिक) के माध्यम से फैलता है। इससे प्रभावित जानवरों में कमजोरी, खांसी और नाक से तरल पदार्थ निकलने जैसे लक्षण दिखते हैं।
मोढवाडिया ने बाद में ‘एक्स’ पर कहा कि पिछले तीन दिन में संदिग्ध संक्रमण के कारण किसी भी शेर की जान जाने की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए वन विभाग द्वारा उठाए गए ‘‘प्रभावी उपायों’’ की भी प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर, वन अधिकारी, पशु चिकित्सा विशेषज्ञ और अन्य कर्मी शेरों के स्वास्थ्य एवं कल्याण की निगरानी के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।
मंत्री ने इससे पहले कहा था कि अधिकारियों ने उन क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले शेरों को एक-दूसरे से पृथक कर दिया था, जहां संक्रमण की सूचना मिली थी।
भाषा
देवेंद्र सुभाष
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