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राजस्थान की रिफाइनरी में आग से उदघाटन कार्यक्रम टला, जांच के आदेश

नयी दिल्ली/ जयपुर, 20 अप्रैल (भाषा) हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 79,450 करोड़ रुपये की लागत वाली राजस्थान रिफाइनरी में सोमवार को आग लगने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों लोकार्पण का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आग रिफाइनरी की मुख्य इकाई मानी जाने वाली कच्चे तेल की डिस्टिलेशन इकाई के पास लगी, जिससे काले धुएं के घने गुबार उठते देखे गए।

करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है और मंगलवार को निर्धारित लोकार्पण कार्यक्रम की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

इस रिफाइनरी का संचालन एक संयुक्त उद्यम एचआरआरएल द्वारा किया जा रहा है, जिसमें एचपीसीएल की 74 प्रतिशत और राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

यह परियोजना बालोतरा जिले के पचपदरा में स्थित है और इसकी क्षमता 90 लाख टन प्रति वर्ष है।

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी एचपीसीएल ने एक पोस्ट में कहा कि प्रारंभिक जांच में हीट एक्सचेंजर सर्किट के एक वॉल्व या फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन रिसाव को आग का संभावित कारण माना गया है। प्रभावित हिस्से को तुरंत अलग कर दिया गया और अन्य इकाइयों पर कोई असर नहीं पड़ा।

सरकारी बयान के मुताबिक, यह रिफाइनरी जुलाई, 2026 से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने के लिए तैयार की जा रही थी। यह देश की 24वीं रिफाइनरी होगी और पेट्रोरसायन उत्पादों के उत्पादन के जरिये ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

अधिकारियों ने बताया कि आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, परियोजना में लगी आग के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका।

इस बीच, विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना को 'सुरक्षा में चूक' का संकेत बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सभी की सुरक्षा की कामना की।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस घटना को 'गंभीर और चिंताजनक' बताते हुए कार्यक्रम से पहले तैयारियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजन की जल्दबाजी में सुरक्षा मानकों से समझौता किया गया और परियोजना के क्रियान्वयन में देरी भी हुई।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय