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हेलीकॉप्टर से दुल्हन लाया किसान का बेटा, दादा का सपना किया पूरा

मेरठ जिले के काजमाबाद गून गांव में 26 फरवरी 2025 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पूर्व प्रधान चौधरी दिलावर सिंह के पोते प्रशांत ने अपनी दुल्हन शिवानी को हेलीकॉप्टर से अपने घर लाकर अपने दादा का सपना साकार किया। हापुड़ जिले के लुखलाड़ा गांव से प्रशांत अपनी दुल्हन शिवानी को हेलीकॉप्टर से लेकर मेरठ स्थित अपने गांव पहुंचे, जहां पूरे गांव में इस खास मौके को लेकर हर्षोल्लास का माहौल था।

आपको बता दें चौधरी दिलावर सिंह काजमाबाद गून गांव के दो बार प्रधान रहे थे, और एक बार उनकी पत्नी राजकुमारी को भी प्रधान बनने का अवसर मिला था। दिलावर सिंह ने हमेशा से सामाजिक और राजनीतिक रूप से सक्रिय रहते हुए अपने परिवार को एकजुट रखा। उनका सपना था कि उनके सबसे बड़े पोते की दुल्हन हेलीकॉप्टर से घर आए, लेकिन कुछ साल पहले उनके निधन के कारण यह सपना अधूरा रह गया था। उनके परिवार ने इस परंपरा को निभाने का संकल्प लिया और 26 फरवरी 2025 को उनके इस स्वप्न को पूरा किया।

जहां इस अनोखी शादी के लिए मेरठ और हापुड़ प्रशासन से विशेष अनुमति ली गई थी। हेलीकॉप्टर उड़ान के लिए 25 फरवरी की रात 11 बजे मेरठ प्रशासन ने अनुमति जारी की थी। हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग और उड़ान को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन, फायर सेफ्टी विभाग, लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से भूमिका निभाई। हेलीकॉप्टर की अनुमति और अन्य व्यवस्थाओं के लिए परिवार द्वारा लगभग 70 हजार रुपये की फीस जमा की गई।

वही प्रशांत की दादी और पूर्व प्रधान राजकुमारी, जो अब 75 वर्ष की हैं, भी प्रशांत और उनकी दुल्हन शिवानी के साथ हेलीकॉप्टर से आईं। इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने के लिए प्रशांत के चाचा पुष्पेंद्र प्रधान भी उनके साथ मौजूद थे।

गांव में जब हेलीकॉप्टर से नवविवाहित जोड़ा उतरा, तो पूरे गांव ने फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया। रिश्तेदार, मित्र और ग्रामवासी इस अद्वितीय पल के गवाह बने। प्रशांत के नाना जयराज सिंह एडवोकेट ने बताया कि दिलावर सिंह बेहद शौक से जीवन व्यतीत करने वाले व्यक्ति थे। सन 1970 में वे गांव में सबसे पहले ट्रैक्टर लेकर आए थे और बुलेट पर सवारी किया करते थे। उनका यह सपना आज उनके परिवार ने पूरा किया, जिससे पूरे परिवार में आनंद का वातावरण बना रहा।

दिलावर सिंह के चार बेटे हैं और वे सभी संयुक्त रूप से रहते हैं। यह एक किसान परिवार है, लेकिन अपने पूर्वजों के सपनों को साकार करने का जुनून इनमें हमेशा से रहा है। प्रशांत ने अपने दादा के सपने को पूरा कर यह साबित कर दिया कि परंपराओं और सपनों का महत्व आज भी उतना ही प्रासंगिक है। दिलावर सिंह के बेटे चौधरी पुष्पेंद्र सिंह पिता को याद कर भावुक हो गए। 

जिसके बाद प्रशांत की इस अनोखी शादी की चर्चा न केवल मेरठ और हापुड़ में बल्कि पूरे क्षेत्र में हो रही है। लोग इसे परिवार की एकजुटता और पूर्वजों के सम्मान की मिसाल के रूप में देख रहे हैं।अनोखी शादी ने यह साबित कर दिया कि किसान का बेटा भी सपनों को हकीकत में बदल सकता है और अपने परिवार की परंपराओं को निभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ता।परिवार में आज भी एक ही चूल्हे पर सबका खाना बनता है। भाइयों का आपसी प्रेम भी एक मिसाल है।