Uttarakhand: उत्तराखंड स्थित श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आज दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस साल की चार धाम यात्रा का आधिकारिक समापन हो जाएगा। इस वार्षिक अनुष्ठान को देखने के लिए सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर प्रांगड़ में पहुंच गए हैं
गढ़वाल हिमालय के चार धामों में से तीन के कपाट पहले ही बंद कर दिए गए थे। गंगोत्री के कपाट अन्नकूट के मौके पर बंद हुए थे जबकि केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट भाई दूज पर बंद किए गए थे। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के कारण, चारों धाम हर साल अक्टूबर-नवंबर में बंद कर दिए जाते हैं और अगले साल अप्रैल-मई में फिर से खोले जाते हैं।
इस वर्ष की चार धाम यात्रा में देश-विदेश से आए 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जो आंकड़ों के हिसाब से अब तक की सबसे ज्यादा है। राज्य पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 16.5 लाख श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ के दर्शन किए, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।