उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर इस मामले में विवादित टिप्पणी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, हल्द्वानी के जवाहर नगर निवासी अमित कुमार की शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है। अमित कुमार वाल्मीकि समाज से आते हैं और ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ से जुड़े हुए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए यज्ञ कार्यक्रम को जाति से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से ऐसा संदेश गया कि कार्यक्रम से जुड़े लोग छुआछूत मानने वाले और दलित विरोधी हैं। अमित कुमार ने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी से वाल्मीकि समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि शुद्धिकरण कार्यक्रम में अनुसूचित जाति समेत अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे या किसी एक व्यक्ति से कोई संबंध नहीं था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। इनमें अलग-अलग समुदायों के बीच विवाद या वैमनस्य बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसके अलावा FIR में SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की वीडियो रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और 8 व 11 अगस्त को हुए कार्यक्रमों के फोटो-वीडियो भी दिए हैं। उन्होंने मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने की मांग की है। शिकायत की प्रतियां नैनीताल के SSP समेत अन्य अधिकारियों और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को भी भेजी गई हैं।
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा हुई थी। इसके बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मैदान में कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ किया था। इसके बाद इस मामले को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।कांग्रेस ने इसे बीजेपी की दलित विरोधी सोच बताया था। वहीं, बीजेपी ने यज्ञ को सही ठहराते हुए कहा था कि खरगे की जनसभा के दौरान मैदान में गंदगी हुई थी और कुछ ऐसे नारे भी लगाए गए थे, जो धार्मिक स्थल पर नहीं लगाए जाने चाहिए थे।