Breaking News

गोवा से दिल्ली आ रही IndiGo की फ्लाइट का इंजन फेल     |   SCO समिट में 30 से ज्यादा अहम दस्तावेजों पर मुहर, AI से ऊर्जा सुरक्षा तक कई समझौते     |   राम मंदिर के पहले CEO के चयन की प्रक्रिया तेज, 3 सदस्यीय कमेटी ने सौंपी रिपोर्ट     |   संभल शाही जामा मस्जिद सर्वे विवाद पर SC में सुनवाई टली, अब 8 सितंबर को होगी सुनवाई     |   BRICS 2026 कारकेड रिहर्सल को लेकर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी     |  

दिवाली पर देहरादून में बनाए जा रहे मिट्टी के खूबसूरत दिये, लोग दे रहे स्वदेशी उत्पादों को तरजीह

Uttarakhand: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के एक छोटे से इलाके, 'कुम्हार मंडी' में कारीगर दिवाली के लिए हाथ से मिट्टी के दीये बनाने में व्यस्त हैं। अपने घर के एक कोने में, फूल सिंह कच्ची मिट्टी को नाजुक हाथों से दीये का आकार दे रहे हैं। कतार में रखे गए इन दीयों को भट्टी में पक्का कर मजबूत किया जाता है।

इन्हें अंतिम रूप देने के लिए इन पर हाथों से रंग किया जाता है। बढ़िया दीये बनाने के लिए मिट्टी भी अच्छी चाहिए होती है, जिसे पहचानना भी कारीगरी से कम नहीं है। जहां दीयों को बनाने काफी मेहनत का काम है, वहीं इन्हें बेचना भी किसी चुनौती से कम नहीं है। कुछ लोगों का कहना है कि संकरी गलियां और भीड़-भाड़ वाली सड़कें ग्राहकों के लिए पहुंच मुश्किल बना देती हैं।

कई ग्राहकों का कहना है कि वे बड़े पैमाने पर मशीन से बनाए गए दीयों की बजाय, स्वदेशी और हाथ से बने मिट्टी के दीयों को ज्यादा पसंद करते हैं। देहरादून के ये कारीगर दीयों को अच्छा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। लोग भी उनकी आजीविका को समर्थन करने और पर्यावरण-अनुकूल समारोहों को बढ़ावा देने में मदद कर रहे हैं।