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अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों को उम्र कैद, 50-50 हजार का जुर्माना भी

Uttarakhand: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों आरोपियों को एक स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के वकील अजय पंत ने यहां बताया कि कोटद्वार की अपर जिला और सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने तीनों दोषियों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर 50.50 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है।

अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गयी थी। ढाई साल से ज्यादा समय तक चली सुनवाई के बाद 19 मई को अदालत ने शुक्रवार का दिन फैसला सुनाने के लिए तय किया था। 

पौड़ी जिले के यमकेश्वर में स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्य करने वाली 19 साल की अंकिता की 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार, किसी बात को लेकर अंकिता और पुलकित में विवाद हो गया था जिसके बाद उसने अपने कर्मचारियों भास्कर और गुप्ता के साथ मिलकर उसे ऋषिकेश की चीला नहर में धक्का दे दिया था जिसमें डूबने से उसकी मौत हो गयी। 

नहर से अंकिता का शव मिलने के बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया था। पुलकित तत्कालीन बीजेपी नेता विनोद आर्य का पुत्र है जिन्हें मामला सामने आते ही पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। 

मामले के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय लोगों का आक्रोश उमड़ पड़ा था जिसे शांत करने के लिए राज्य सरकार को उसकी जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करना पड़ा। मामले की सुनवाई दो साल और आठ महीने चली और इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचना अधिकारी सहित 47 गवाह पेश किए गए।