उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अग्निवीरों को एक बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज सुबह 11 बजे लोकभवन में कैबिनेट बैठक हुई. योगी सरकार ने अग्निवीर योजना के तहत सेवा में शामिल और रिटायर्ड जवानों को यूपी पुलिस और प्रादेशिक सशस्त्र बल (PAC) में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया है. इसके साथ ही, अग्निवीरों को आयु सीमा में भी छूट दी गई है.
यह निर्णय अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. केंद्र सरकार ने 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी, जिसके तहत सेना में चार साल की सेवा के बाद 25% अग्निवीरों को स्थायी किया जाता है, जबकि शेष को रिटायर होना पड़ता है. रिटायर्ड अग्निवीरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से योगी सरकार यह कदम उठा रही है. माना जा रहा है कि अगले साल से सबसे पहले भर्ती किए गए अग्निवीर रिटायर होने लगेंगे, और इस आरक्षण से उन्हें यूपी पुलिस और PAC में प्राथमिकता मिलेगी.
यह पहली बार नहीं है जब योगी सरकार ने अग्निवीरों के लिए कदम उठाया है. 26 जुलाई 2024 को कारगिल विजय की 25वीं वर्षगांठ पर सीएम योगी ने घोषणा की थी कि अग्निवीरों को पुलिस और PAC भर्ती में आरक्षण दिया जाएगा. आज की बैठक में इस घोषणा को औपचारिक रूप से मंजूरी मिल गई है.
यह कदम न केवल अग्निवीरों को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि विपक्षी दलों, खासकर सपा और कांग्रेस, द्वारा अग्निपथ योजना के खिलाफ उठाए गए मुद्दों का जवाब भी माना जा रहा है. विपक्ष ने इस योजना को खत्म करने और सेना में स्थायी नौकरी की मांग बार-बार उठाई है. बीजेपी की यह रणनीति 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले युवाओं और सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवारों को आकर्षित करने की दिशा में भी देखी जा रही है.