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योगी सरकार में बेटियों की शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य पर जोर, स्कूल ड्रॉपआउट दर 20% से घटकर 3% से कम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि के छठे दिन मां स्कंदमाता को वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी बताते हुए कहा कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल बनता है। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा में निवेश उनके आत्मविश्वास के साथ प्रदेश के भविष्य को भी मजबूत बनाता है।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बेटियों को आगे बढ़ाने के बजाय पूर्ववर्ती सरकारें अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में लगी थीं। उस समय माताओं के स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा की उपेक्षा हुई। अस्पतालों की बदहाल स्थिति, दवाओं की कमी और संस्थागत प्रसव की कमजोर व्यवस्था के कारण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर चिंताजनक थी।

योगी सरकार ने तैयार किया सुरक्षा और कल्याण का चक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने का प्रयास किया है। पहले सुविधाओं की कमी के कारण प्रदेश की लाखों बेटियों को पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी। अब सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक सुरक्षा एवं कल्याण का व्यापक ढांचा तैयार किया है।

स्कूलों में सुविधाएं बढ़ीं, ड्रॉपआउट दर में आई कमी

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता 36 प्रतिशत से बढ़कर 96 प्रतिशत से अधिक हो गई है। वहीं, स्कूल छोड़ने वाली छात्राओं और विद्यार्थियों की दर 20 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत से भी कम रह गई है।

उन्होंने कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से श्रमिकों और वंचित वर्ग के बच्चों को आधुनिक आवासीय शिक्षा मिल रही है। इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा का विस्तार किया गया है, जिससे बेटियों को अपनी शिक्षा पूरी करने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

बेटियों की शिक्षा में निवेश से मजबूत होगा भविष्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के बेहतर अवसर देना समाज और प्रदेश के विकास के लिए जरूरी है। जब बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगी। उन्होंने मां स्कंदमाता की आराधना के संदेश का उल्लेख करते हुए नारीशक्ति के सम्मान, मातृ स्वास्थ्य और बालिकाओं की शिक्षा को उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया।