Lucknow: उत्तर प्रदेश को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने निवेश, जमीन, बुनियादी ढांचे और नीतिगत सुधारों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने अगले कुछ वर्षों में 105 से 120 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश जुटाने का लक्ष्य तय किया है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बड़ी भूमिका होगी, जिसके लिए 26 से 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का जोर ऐसे निवेश को जमीन पर उतारने पर है, जिससे एमओयू सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बदल सकें। अब तक आयोजित चार भूमि पूजन समारोहों में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतारी जा चुकी हैं। ऐसे में 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले चार वर्षों में कम से कम 93 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश जुटाना होगा।
इस हिसाब से राज्य को हर साल करीब 23 लाख करोड़ रुपये के नए निवेश की जरूरत होगी। सरकार इस चुनौती को देखते हुए बड़े निवेशकों को केंद्र में रखकर आधारभूत परियोजनाओं के विकास पर जोर दे रही है, ताकि निवेश के लिए जरूरी जमीन, सड़क, बिजली, लॉजिस्टिक्स और अन्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।
10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कृषि, अवस्थापना, उद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, नगर विकास, वित्तीय सेवाओं और ऊर्जा समेत प्रमुख क्षेत्रों के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने में जमीन की उपलब्धता को सबसे अहम जरूरतों में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने 2026-27 तक करीब दो लाख एकड़ का भूमि बैंक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण के साथ भूमि पूलिंग, ग्राम समाज की जमीन और विभिन्न विभागों के पास उपलब्ध अतिरिक्त भूमि के इस्तेमाल जैसे विकल्प अपनाए जा रहे हैं।
जुलाई 2026 में हुई समीक्षा के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 15,610 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया, जबकि 10,678 एकड़ भूमि विकसित की गई। 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस क्षेत्र में अकेले 26 से 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए औद्योगिक गलियारों, एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में ऐसी औद्योगिक सुविधाएं तैयार करना है, जहां निवेशकों को कारोबार शुरू करने के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा आसानी से उपलब्ध हो सके।
इसी दिशा में प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड की योजना पर भी काम तेज किया गया है। इसके तहत उद्योगों को सिर्फ जमीन ही नहीं, बल्कि तैयार भवन और जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की तैयारी है, ताकि कंपनियां कम समय में उत्पादन शुरू कर सकें। राज्य में 27 एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर भी विकसित किए जा रहे हैं। सरकार को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के जरिए बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा और उत्पादन, रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।