ग्राम पंचायतों में सचिवों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 13,116 नए ग्राम पंचायत अधिकारी (पंचायत सचिव) के पद बनाने को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव को बुधवार को पंचायती राज विभाग की बैठक में मंजूरी मिली। भर्ती तीन चरणों में होगी। पहले चरण में 4,372 पदों पर भर्ती की जाएगी।
राज्य में करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन अभी केवल 16 हजार ग्राम पंचायत अधिकारी ही काम कर रहे हैं। इसके कारण करीब 42 हजार ग्राम पंचायतों का काम अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर कराया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्राम पंचायत में एक अलग पंचायत सचिव नियुक्त किया जाए, ताकि विकास कार्य और सरकारी योजनाओं का काम तेजी और बेहतर तरीके से हो सके। नई भर्ती के बाद अतिरिक्त प्रभार की व्यवस्था भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
बैठक में ग्राम पंचायत अधिकारी (VPO) और ग्राम विकास अधिकारी (VDO) के पदों को मिलाकर एक करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। यानी दोनों पद पहले की तरह अलग-अलग ही रहेंगे। सरकार का मानना है कि नए पदों पर भर्ती होने से पंचायतों की व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और बेहतर तरीके से मिल सकेगा।