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योगी सरकार किसानों को देगी कृषि उपयोगी मशीनें, 43 इंच टीवी की जगह मिलेगी चारा काटने की मशीन

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत किसानों को खेती और पशुपालन में काम आने वाले उपकरण उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने योजना के तहत लकी ड्रॉ में दिए जाने वाले उपहारों की सूची में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत 43 इंच के एलईडी टीवी की जगह तीन हॉर्स पावर की चारा काटने वाली मशीन दी जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को ऐसे उपहार देना है, जिनका वे खेती और पशुपालन में इस्तेमाल कर सकें।

पंपिंग सेट और पावर स्प्रेयर रहेंगे बरकरार

मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, उपहारों में बदलाव के लिए गठित समिति की बैठक में विभिन्न विकल्पों पर विचार किया गया। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत आठ हॉर्स पावर का पंपिंग सेट और पावर स्प्रेयर पहले की तरह उपहार सूची में शामिल रहेंगे।

चारा काटने वाली मशीन की अनुमानित कीमत 30 हजार रुपये प्रति मशीन रखी गई है। प्रत्येक मंडल में ऐसी तीन मशीनें देने का प्रावधान है। वहीं, आठ हॉर्स पावर के पंपिंग सेट की अनुमानित कीमत 55 हजार रुपये प्रति उपहार है और प्रत्येक मंडल में दो पंपिंग सेट दिए जाने की व्यवस्था है। पावर स्प्रेयर की अनुमानित कीमत पांच हजार रुपये प्रति उपहार है।

उपहारों की श्रेणियों में भी बदलाव

मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना के तहत अलग-अलग श्रेणियों में दिए जाने वाले उपहारों की सूची में भी संशोधन किया गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, प्रथम उपहार के रूप में 35 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर बरकरार रखा गया है। द्वितीय उपहार की श्रेणी में पहले शामिल कुछ उपकरणों के स्थान पर 20 हॉर्स पावर से कम क्षमता वाला छोटा ट्रैक्टर शामिल किया गया है।

इसी तरह, तृतीय उपहार की श्रेणी में पावर टिलर और रीपर जैसे उपकरणों की जगह 100 सीसी की मोटरसाइकिल शामिल करने का प्रस्ताव है। चतुर्थ उपहार के रूप में सोलर पावर पैक संयंत्र को शामिल किया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य उपहारों को किसानों की जरूरतों के अधिक अनुकूल बनाना है।

किसानों को मिलेंगे 4,400 प्लास्टिक कैरेट

मंडी परिषद किसानों को उनकी कृषि उपज की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए निःशुल्क प्लास्टिक कैरेट भी उपलब्ध कराएगी। इनका इस्तेमाल फल और सब्जियों की तोड़ाई तथा परिवहन के दौरान किया जा सकेगा। मंडियों की श्रेणी के अनुसार कैरेट वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

'क' श्रेणी की मंडियों में 500 किसानों को चार-चार कैरेट, 'ख' श्रेणी में 250 किसानों को, 'ग' श्रेणी में 200 किसानों को और 'घ' श्रेणी में 150 किसानों को चार-चार कैरेट देने का प्रावधान है। इस तरह कुल 4,400 प्लास्टिक कैरेट वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।

कृषि छात्रों की छात्रवृत्ति भी बढ़ाई गई

मंडी परिषद की योजनाओं के तहत कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को भी सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों और महाविद्यालयों से स्नातक करने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है।

इसके अलावा, किसानों को प्लास्टिक कैरेट और कृषि उपज के व्यापारियों को प्लास्टिक शीट देने की व्यवस्था भी है। मंडी परिसर में दुर्घटना या आग लगने की स्थिति में आर्थिक सहायता देने का भी प्रावधान है। इन योजनाओं के माध्यम से मंडी परिषद किसानों, व्यापारियों और कृषि शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को सहयोग देने पर जोर दे रही है।