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रोड नहीं तो वोट नहीं... ग्रामीणों ने किया चुनाव का बहिष्कार, बैरंग वापस लौटे अधिकारी

यूपी: 2024 के लोकसभा चुनाव में सभी पार्टियां विकास की बात जरूर कर रही है पर उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में एक ऐसा भी गांव है जहाँ पचासों साल से गांव में रोड नहीं बनी. सिर्फ ग्रामीणों के साथ वादे ही किए गए है अब जब चुनाव के समय नेता गांव गांव जाकर वोट मांगने की तैयारियों में जुटे है तो ग्रामीणों ने गांव में वोट लगा दिया की रोड़ नहीं तो वोट नहीं, इतना ही नहीं जब अधिकारी उन्हे समझाने पहुंचे तो राजनीतिक वादों से गुसाए ग्रामीणों ने अधिकारियो की एक न सुनी और जमकर नारेबाज़ी की रोड नहीं वोट नहीं।

एक और जहां देश विकास की ओर बढ रहा है तो वही दूसरी ओर एक तस्वीर गांव की ऐसी है जहा आजतक गांव में रोड तक नही पहुंच पाई है गुस्साए ग्रामीणों ने तो गांव में बैनर तक टांग दिया की रोड नही तो वोट नहीं हालाकि की सूचना पर पहुंचे अधिकारियो ने समझाने का काफी प्रयास किया पर ग्रामीण सुनने को तैयार नहीं उन्होंने चुनाव का बहिष्कार करते हुए समझाने पहुंचे तहसीलदार को भी बैरंग लौटा दिया।

मामला 41 इटावा लोकसभा क्षेत्र के कानपुर देहात की सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र के हथूमा गांव का है. जहा ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करते हुए गाव में रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर लगा दिया. ग्रामीणों का कहना है कि पचास साल से ज़्यादा का समय हो गया पर किसी भी विधायक या सांसद ने उनकी गांव में सड़क नहीं बनवाई चुनाव के समय आए जरूर पर सिर्फ वादे कर चले गए अब जब लोकसभा चुनाव है तो फिर से लुभावने वादे किए जा रहे है इस लिए ग्रामीणों ने मिलकर गांव में जगह-जगह बैनर लगा दिया रोड नहीं तो वोट नहीं. सिकंदरा की मेन रोड से यह गांव 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर है जहां आजतक गांव में रोड नही बनी. ग्रामीणों के अनुसार जो खड़ंजे गांव में बिछे हुए है वो भी जिला पंचायत सदस्य ने बनवाया है ।

गांव के रहने वालो ने बताया कि गाव में पचास साल पुराने खड़ंजे है तत्कालीन ज़िला पंचायत सदस्य ने गांव में खड़ंजा डलवाया था. दो तीन बार सांसद हमारे यहां से भाजपा के जीत चुके है एक दो बार सपा के रहे चुके है इस बार जो मंत्री है वो भी दो बार से है अजीत पाल इन्होंने कोई विकास गांव में नही किया है। गाव में सड़क पानी बिजली की समस्या है. प्रशासन भी बहाना बनाकर धोखा झूठा वादा करता है।

वहीं दूसरी ओर गांव के ही ग्रामीण बताते है कि उन्होंने रोड नहीं तो वोट नहीं का बैनर इस लिए लगा रखा है क्योकि पचास साल पुराने रोड है बिजली के खंबे खड़े है लेकिन आधे गांव में बिजली नही है बिजली विभाग छापा मारकर लोगों से 10 हजार और 20 घूस लेता है उसके सबूत है हम सब परेशान है इस लिए पहले रोड फिर वोट।

रिपोर्ट- मोहित कुमार