ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घरों तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने प्रदेशभर में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े वेयरहाउस और डार्क स्टोर्स की जांच की। इस दौरान गंभीर गंदगी और स्वच्छता संबंधी खामियों के चलते दो स्टोर के लाइसेंस निलंबित कर खाद्य कारोबार बंद कराया गया। वहीं, आवश्यक लाइसेंस अनुमोदन के बिना फ्रोजन मीट और मीट उत्पाद बेचने पर दो स्टोर में बिक्री पर रोक लगाई गई।

रविवार को अभियान के तहत कुल 92 निरीक्षण किए गए। इनमें 75 मामलों में सुधार नोटिस जारी करने की संस्तुति की गई, जबकि जांच के लिए 20 खाद्य नमूने एकत्र किए गए। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण, परिसर की सफाई, तापमान नियंत्रण, वैधता अवधि और सुरक्षित डिलीवरी की व्यवस्था की जांच की।
चिनहट के जेप्टो स्टोर में गंदगी मिलने पर लाइसेंस निलंबित

लखनऊ के चिनहट स्थित जेप्टो स्टोर में निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। परिसर में गंदगी, शौचालय से दुर्गंध और फर्श पर कीटों के अवशेष मिले। खाद्य सामग्री रखने वाले रैक पर जंग और फफूंद पाई गई। कटे-फटे खाद्य पदार्थों के पास कीटों से संबंधित अपशिष्ट भी मिला।

इसके अलावा खाद्य सामग्री को दवाओं और न्यूट्रास्यूटिकल्स के साथ रखा जा रहा था। इन कमियों को देखते हुए विभाग ने स्टोर का लाइसेंस निलंबित कर दिया और सुधारात्मक कार्रवाई पूरी होने तक खाद्य कारोबार बंद करा दिया।
चिरैयाबाग और हुसैनाबाद में मीट की बिक्री पर रोक

लखनऊ के चिरैयाबाग स्थित जेप्टो स्टोर में मीट और मीट उत्पादों की बिक्री के लिए लाइसेंस में जरूरी अनुमोदन नहीं मिला। इसके बावजूद वहां इन उत्पादों की बिक्री की जा रही थी। विभाग ने संबंधित उत्पादों की बिक्री बंद करा दी।
इसी तरह हुसैनाबाद स्थित ब्लिंकिट स्टोर में भी मीट और मीट उत्पादों के विक्रय का आवश्यक अनुमोदन नहीं पाया गया। यहां फ्रोजन मीट और मीट उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी गई।
नोएडा के जेप्टो स्टोर के कोल्ड रूम में भी खामियां

नोएडा के वाजिदपुर, सेक्टर-135 स्थित जेप्टो स्टोर के निरीक्षण में खाद्य सामग्री रखने वाले रैक पर जंग और फफूंद मिली। कोल्ड रूम के फर्श पर खाद्य पदार्थ बिखरे हुए थे। फर्श क्षतिग्रस्त होने के साथ वहां काफी गंदगी भी पाई गई।

विभाग ने स्वच्छता और कोल्ड रूम की व्यवस्था में सुधार होने तक संबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई। साथ ही कोल्ड रूम में खाद्य कारोबार का संचालन बंद करा दिया गया।
भंडारण से लेकर डिलीवरी तक की हो रही जांच

विशेष अभियान के दौरान अधिकारियों की ओर से खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, कोल्ड चेन, परिसर की सफाई और कीट नियंत्रण व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसके साथ ही खाद्य पदार्थों की खरीद और आपूर्ति से जुड़े बिल-वाउचर, कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड और जरूरी प्रशिक्षण के दस्तावेज भी देखे जा रहे हैं।
अधिकारी खाद्य पदार्थों की बेस्ट बिफोर अवधि, एक्सपायर्ड सामग्री के निस्तारण, पैकिंग और हैंडलिंग की व्यवस्था की भी जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि खाद्य सामग्री को अन्य सामान से अलग और निर्धारित स्थान पर रखा गया है या नहीं।
उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर

एफएसडीए का उद्देश्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाले खाद्य पदार्थों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करना है। विभाग के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, वैधता अवधि, सुरक्षित भंडारण, स्वच्छता और डिलीवरी व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई जारी रहेगी।