त्योहारों के दौरान लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है। 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीमों ने कानपुर, गोरखपुर, गाजियाबाद, मेरठ, अयोध्या और प्रयागराज में मिठाई की दुकानों और खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगह गंदगी, खराब भंडारण और प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल जैसी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद नौ खाद्य प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद करा दिया गया।

अभियान में 69 टीमों ने कुल 116 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और 149 खाद्य नमूने लिए। अनियमितताएं मिलने पर 96 सुधार नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई के दौरान 655 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 4 लाख 7 हजार 176 रुपये बताई गई है। वहीं, 537 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसका अनुमानित मूल्य 1 लाख 98 हजार 230 रुपये है।
कानपुर में फर्श पर रखी मिलीं मिठाइयां

कानपुर नगर में न्यू तिवारी स्वीट्स के निर्माण स्थल पर गंदगी और दुर्गंध मिली। यहां तैयार मिठाइयों की ट्रे सीधे फर्श पर रखी हुई थीं। लाला दयाराम स्वीट्स में भी मकड़ी के जाले, कालिख और गंदगी पाई गई। कारखाने की ड्रेनेज व्यवस्था भी खराब थी। कानपुर में 12 टीमों ने 20 में से 19 इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 26 नमूने लिए गए और 16 सुधार नोटिस जारी किए गए।
गोरखपुर में बिना लाइसेंस चल रहा था मिठाई कारखाना

गोरखपुर के धर्मशाला बाजार स्थित कामधेनु स्वीट्स के कारखाने में गंदगी और कूड़े का ढेर मिला। दीवारें टूटी हुई थीं और परिसर में मकड़ी के जाले भी पाए गए। जांच में प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार का लाइसेंस नहीं मिला। गोरखपुर में 15 टीमों ने 27 में से 23 इकाइयों की जांच की। यहां 17 नमूने लिए गए और 20 सुधार नोटिस जारी किए गए।
मेरठ में प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल का खुलासा

मेरठ के सम्राट स्वीट्स में जांच के दौरान प्रतिबंधित सैकरिन, कॉस्टिक सोडा और रंग के इस्तेमाल का मामला सामने आया। यहां गैर-खाद्य श्रेणी के सोडियम बाइकार्बोनेट का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा ड्रेनेज व्यवस्था खराब मिली और कीट नियंत्रण के भी उचित इंतजाम नहीं थे।
गाजियाबाद में तीन प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद

गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र स्थित तिरुपति फूड्स में कच्चा माल गंदे फर्श पर रखा मिला। साहिबाबाद के अग्रवाल फूड्स में कॉकरोच और कीड़े पाए गए। यहां तैयार खाद्य पदार्थ भी सीधे फर्श पर रखे हुए थे। नेहरू नगर के शगुन स्वीट्स में गंदगी, टूटा फर्श और खराब ड्रेनेज सिस्टम मिला।

गाजियाबाद में 18 टीमों ने 25 इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 49 नमूने लिए गए और 20 सुधार नोटिस जारी किए गए। यहां तीन प्रतिष्ठानों का कारोबार बंद कराया गया।
अयोध्या में गंदे पानी के बीच रखा मिला मिठाई का सामान

अयोध्या के बेलसर चौराहा स्थित राम नरेश स्वीट्स में गंदगी के बीच मिठाइयां बनाई जा रही थीं। परिसर में मक्खियां भी मौजूद थीं। वहीं, मोहम्मदपुर स्थित संजय यादव स्वीट हाउस में कीड़े-मकोड़े और चूहों की गंदगी मिली। फर्श पर गंदा पानी जमा था और उसी जगह खाद्य सामग्री रखी गई थी। डीप फ्रीजर से निकलने वाला गंदा पानी भी परिसर में जमा था और उसी फ्रीजर में मिठाइयां रखी जा रही थीं। अयोध्या में आठ टीमों ने 18 इकाइयों का निरीक्षण कर 14 नमूने लिए और 13 सुधार नोटिस जारी किए।
प्रयागराज में 18 इकाइयों की जांच

प्रयागराज में एफएसडीए की आठ टीमों ने 18 खाद्य कारोबार इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान 14 खाद्य नमूने लिए गए और कमियां मिलने पर 15 सुधार नोटिस जारी किए गए। विभाग के अनुसार, यहां किसी भी इकाई का लाइसेंस निलंबित नहीं किया गया।
त्योहारों तक जारी रहेगा जांच अभियान

एफएसडीए की टीमें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ उनके निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी जांच कर रही हैं। इसमें साफ-सफाई, कच्चे माल का सुरक्षित भंडारण, कीट नियंत्रण, जल निकासी और खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच शामिल है।

विभाग ने कारोबारियों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। गंभीर लापरवाही मिलने पर कारोबार बंद कराने जैसी कार्रवाई की जा रही है। त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
