मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी से तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर, बनारस-प्रयागराज रामबाग ट्रेन और वाराणसी सिटी-राजातालाब ट्रेन शामिल हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दीपावली और छठ से पहले काशीवासियों को नई रेल सेवाओं की सौगात मिलने पर बधाई दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले लोगों को सिर्फ आश्वासन मिलते थे, लेकिन अब विकास के साथ लगातार नई सौगातें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे आधुनिक हो रही है और देश के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है।
वंदे भारत स्लीपर से 8-9 घंटे में पहुंचेंगे काशी से दिल्ली
सीएम योगी ने कहा कि पहले काशी से दिल्ली तक रेल से पहुंचने में 13 से 14 घंटे लगते थे। अब आधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यह सफर केवल 8 से 9 घंटे में पूरा होगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर भी आरामदायक होगा।
उन्होंने बताया कि 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वाराणसी के बीच देश की पहली वंदे भारत ट्रेन शुरू की थी। उस समय चेयर कार की सुविधा थी, लेकिन अब यात्रियों को स्लीपर ट्रेन की सुविधा भी मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक नगरी काशी से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक की यह यात्रा यात्रियों के लिए सुखद होगी।
95 और 220 रुपये में महीने भर कर सकेंगे यात्रा
मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी सिटी से राजातालाब तक महीने भर की यात्रा के लिए मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) केवल 95 रुपये में मिलेगा। वहीं, काशी से प्रयागराज रामबाग तक का मासिक टिकट 220 रुपये में उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों, युवाओं, व्यापारियों, अधिवक्ताओं और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलेगी। प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों और काशी-प्रयागराज के बीच आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी बुलेट ट्रेन
सीएम योगी ने बताया कि दिल्ली और वाराणसी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की कार्ययोजना तैयार हो गई है। इसके शुरू होने पर दिल्ली से काशी की दूरी करीब साढ़े तीन घंटे में पूरी हो सकेगी। उन्होंने कहा कि इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा आसान और तेज होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 157 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाया गया है। अब इन स्टेशनों पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि काशी के रेलवे स्टेशन पर भी शहर की संस्कृति और पहचान की झलक दिखाई देती है।
यूपी की सभी रेल लाइनें ब्रॉडगेज और विद्युतीकृत
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में कई जगह ब्रॉडगेज और मीटरगेज की रेल लाइनें थीं। उस समय रेलवे से जुड़े मुद्दों पर बार-बार आश्वासन दिए जाते थे। अब प्रदेश की सभी रेल लाइनें ब्रॉडगेज हो चुकी हैं और उनका विद्युतीकरण भी किया गया है।
उन्होंने कहा कि पहले मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हादसों का खतरा बना रहता था। अब ऐसी क्रॉसिंग पर अंडरपास और रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं। इससे लोगों की सुरक्षा बढ़ी है और रेल यात्रा का समय भी कम हुआ है।
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से माल ढुलाई हुई तेज
सीएम योगी ने बताया कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का करीब 1000 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। इस कॉरिडोर से मालगाड़ियों के लिए अलग रेल लाइन उपलब्ध हुई है। पहले मालगाड़ियों को सामान पहुंचाने में कई दिन लग जाते थे, लेकिन अब माल की ढुलाई तेजी से और सुरक्षित तरीके से हो रही है।
उन्होंने कहा कि नई रेल लाइन और आधुनिक सुविधाओं से भारतीय रेलवे की रफ्तार बढ़ी है। इससे व्यापार और उद्योगों को भी फायदा मिल रहा है।
काशी में सड़क, रेल और एयरपोर्ट का हो रहा विस्तार
मुख्यमंत्री ने काशी में हो रहे विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शहर में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी बेहतर हो रही है। काशी विश्वनाथ धाम और घाटों का भी आधुनिक तरीके से विकास किया गया है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के विकास के लिए स्पष्ट नीति और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ काम हो रहा है। स्वच्छ भारत अभियान का असर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में भी दिखाई दे रहा है। अब यात्रियों को साफ-सफाई और आधुनिक शौचालय जैसी सुविधाएं मिल रही हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अंदर जाकर सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने स्कूली बच्चों और लोको पायलट से बातचीत भी की। इस दौरान एक बच्चे ने ट्रेन पर बनाई अपनी पेंटिंग दोनों नेताओं को भेंट की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट भी बांटी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज से वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र 'दयालु', हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।