लखनऊ: उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती का नतीजा है कि अब यहां कोई गुंडा या माफिया किसी दलित और वंचित समाज के व्यक्ति की जमीन पर कब्जा करने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने कहा कि दलित उत्पीडन की घटनाएं बीते सरकार की बात हो गई है। योगी जी ने राज्य में समतामूलक समाज को स्थापित करने के लिए केवल बयान तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने सरकारी नौकरियों में दलितों और वंचितों को उनका अधिकार दिया। विभिन्न विभागों में बिना सिफारिश के इन वर्गों को तैनाती दीं, इतना ही नहीं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के साथ ही सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण विभाग में भी दलित अधि कारियों को विभागाध्यक्ष बनाया।
डॉ. निर्मल ने कहा कि दलित समाज के मान-सम्मान और उनके स्वाभिमान को ध्यान में रखते हुए। योगी जी ने राज्य के कन्नौज मेडिकल कालेज और प्रतापगढ़ में बन रहे पॉलिटेक्निक कालेज का नाम बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर रखा। इतना ही नहीं देश के हिंन्दुओं के गौरवस्थल भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या के एयरपोर्ट का नाम महर्षि बाल्मीकि के नाम से रखा। उन्होंने कहा कि अब इस सरकार में दलितों का उत्पीडन करने वाले जेल की सलाखों के पीछे हैं या यूपी छोडकर दूसरे राज्यों में पलायन कर गये हैं। डॉ. निर्मल ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उन्हें लखनऊ में बन रहे विश्व स्तरीय अम्बेडकर स्मारक के निर्माण कार्य की जानकारी दी और भयमुक्त उत्तर प्रदेश के लिए उनका आभार व्यक्त किया।