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सीएम योगी ने सुनीं लोगों की समस्याएं, बोले- शिक्षा-स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता, बच्चों को स्कूल अवश्य भेजे

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए लोगों से मुलाकात की, उनके प्रार्थना पत्र लिए और उचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को मुख्यमंत्री ने सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का निस्तारण समयसीमा के भीतर हो, विलंब होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाए। सीएम योगी ने कुछ बच्चों से शिक्षा के बारे में भी पूछा और अभिभावकों से कहा कि बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें, क्योंकि पढ़ा-लिखा बच्चा ही सशक्त भारत की नींव है। 

समयसीमा के भीतर हो समस्या का समाधान 
मुख्यमंत्री जी के समक्ष राजस्व व पुलिस से जुड़े भी कुछ मामले आए। मुख्यमंत्री ने उनका संज्ञान लिया और कहा कि लंबित राजस्व वादों का समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। छह महीने से अधिक लंबित वादों के कारणों की समीक्षा की जाए। उचित कारण न होने पर भी यदि निस्तारण में विलंब होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 

जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर खुशी लाना शासन-प्रशासन का दायित्व 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद की समस्या का समाधान हो। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता से सुनिश्चित करें कि बिना भेदभाव सभी को न्याय और हर पात्र को योजनाओं का लाभ मिले, जरूरतमंदों के समुचित इलाज की व्यवस्था हो। जरूरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना शासन-प्रशासन का दायित्व है। 

बेटा! तुम सिर्फ पढ़ाई करो, बाकी हम पर छोड़ दो 
हापुड़ से एक बच्ची अपने अभिभावक के साथ आई थी। उसने अपने परिवार की माली स्थिति का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने पूछा कि किस क्लास में हो, इस पर बच्ची ने कक्षा-7 बताया और आगे की पढ़ाई में आने वाली बाधाओं का भी जिक्र किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि घर जाओ और सिर्फ पढ़ाई करो, बाकी हम पर छोड़ दो। अभिभावक से कहा कि शिक्षित बच्चा ही सशक्त भारत की नींव है। अधिकारी आपसे संपर्क करेंगे, आप बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें।