योगी सरकार धनतेरस के अवसर पर उत्तर प्रदेश की सभी मंडियों में दीपोत्सव मनाएगी। 6 नवंबर 2026 को होने वाले इस आयोजन के जरिए मंडियों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ किसानों और व्यापारियों को सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम मंडी परिषद के ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान’ के तहत आयोजित होगा।
मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रदेश की सभी मंडी समितियों को आयोजन के संबंध में निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, किसानों, व्यापारियों और मंडी समितियों के अधिकारियों व कर्मचारियों की भागीदारी रहेगी।
सरकार का उद्देश्य मंडियों को केवल कृषि उपज की खरीद-बिक्री का केंद्र न रखकर स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यस्थल के रूप में विकसित करना है। इसके साथ ही स्वच्छता को पूरे साल की कार्यसंस्कृति बनाने पर जोर दिया जाएगा।
किसानों को मिलेंगे कल्याणकारी योजनाओं के चेक
दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक कल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को धनराशि के चेक या प्रारूप चेक वितरित किए जाएंगे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस पहल के जरिए किसानों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इनका लाभ उठा सकें।
स्वच्छता और बेहतर व्यापार करने वालों का होगा सम्मान
मंडियों में स्वच्छता अभियान में अच्छा योगदान देने वाले किसानों और व्यापारियों को सम्मानित किया जाएगा। समय पर भुगतान करने वाले और व्यापारिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले व्यापारियों को भी सम्मान मिलेगा।
सम्मान के लिए प्रशस्ति-पत्र और अन्य उपयुक्त सामग्री की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जा सकेगी। इसका मकसद मंडियों में स्वच्छता, जिम्मेदारी और बेहतर व्यापारिक व्यवहार को बढ़ावा देना है।
दीपों से सजेंगी मंडियां, उपलब्धियों का होगा प्रचार
धनतेरस पर सभी मंडियों को दीपों से सजाया जाएगा। इस दौरान मंडी परिषद की कल्याणकारी योजनाओं और ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान’ के तहत मंडी समितियों की ओर से किए गए कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी भी दी जाएगी।
मंडियों को मिलेंगे 10 से 20 हजार रुपये
आयोजन के लिए प्रत्येक ‘क’ विशिष्ट और ‘क’ श्रेणी की मंडी को 20 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी गई है। वहीं, अन्य मंडियों को 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस राशि का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाएगा।
नोडल अधिकारी करेंगे आयोजन की निगरानी
सभी मंडी समितियों को दीपोत्सव और कार्यक्रम में हुई गतिविधियों का विवरण मंडी परिषद मुख्यालय को भेजना होगा। सम्मानित किए गए किसानों और व्यापारियों की जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल करनी होगी।
कार्यक्रम की निगरानी के लिए संबंधित संभाग के संभागीय उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं, संबंधित उप निदेशक (निर्माण) आयोजन में जरूरी सहयोग करेंगे। इस पहल के जरिए मंडियों में जनभागीदारी बढ़ाने और किसानों व व्यापारियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।