पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, सीएम योगी ने अधिकारियों से पंडालों में आग से बचाव के इंतजामों की जांच करने को कहा है। इसके साथ ही प्रवेश और निकास के रास्तों की जांच करने तथा आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त रास्ते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिजली और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की होगी जांच
सीएम योगी ने अधिकारियों को पंडालों में लगे बिजली के उपकरणों और कनेक्शनों की जांच करने को भी कहा है। सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
यह कदम कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद उठाया गया है। वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग अस्पताल में भर्ती हुए।
कोलकाता भगदड़ मामले में 7 गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने इस घटना को कुप्रबंधन का मामला बताया। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं, प्रत्येक घायल को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में तीन दिन के लिए प्रतिबंध
घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने शहर के संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। ये आदेश 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेंगे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।