Jharkhand : हजारीबाग सेंट्रल जेल से फरार तीन सजायाफ्ता कैदियों को पुलिस ने महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये तीनों कैदी सोलापुर जिले के करमाला थाना क्षेत्र के कोरटी गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे पर काम करते हुए पकड़े गए।
हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने बताया कि तीनों कैदी 30 दिसंबर 2025 की देर रात जेल से फरार हुए थे। वे कैदी वार्ड की खिड़की की लोहे की सलाखों को हेक्सा ब्लेड से काटकर बाहर निकले और बेडशीट को फाड़कर रस्सी बनाई। इसके सहारे जेल की ऊंची चहारदीवारी फांदकर फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, फरार तीनों कैदी पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। उनकी पहचान धनबाद जिले के लोयाबाद निवासी देवा भुइयां उर्फ देव कुमार, जोगता निवासी राहुल रजवार और केंदुआडीह निवासी जितेंद्र रवानी के रूप में हुई है।
तीनों कैदी हजारीबाग केंद्रीय कारा के सेक्टर-6 के वार्ड नंबर-4 में एक साथ बंद थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए हजारीबाग एसपी के निर्देश पर तीन विशेष जांच टीमें (SIT) गठित की गई थीं। पुराने रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि देवा भुइयां और अंकित रवानी वर्ष 2021 में भी धनबाद जेल से फरार होकर महाराष्ट्र के सोलापुर गए थे। इसी इनपुट के आधार पर हजारीबाग पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क किया।
सूचना के सत्यापन के बाद हजारीबाग पुलिस की टीम सोलापुर पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से तीनों कैदियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाया गया। रविवार को मेडिकल जांच के बाद तीनों कैदियों को दोबारा हजारीबाग केंद्रीय कारा भेज दिया गया है।
पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और जेल सुरक्षा में हुई चूक की भी समीक्षा की जा रही है।