Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हाल में हुए विरोध प्रदर्शन जैसी घटनाओं से पूरा देश हैरान है, जहां दंगों के आरोपियों के लिए जमानत की मांग की गई और "आतंकवादियों" का समर्थन किया गया। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों ने "अशोभनीय" नारे लगाए और देश के खिलाफ बात की।
पांच जनवरी को उच्चतम न्यायालय द्वारा 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार करने के बाद कुछ छात्रों ने कथित तौर पर यूनिवर्सिटी परिसर के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ "भड़काऊ" नारे लगाए थे। रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं को बधाई दी और कहा कि पूरा देश उनकी तरफ देखता है, क्योंकि देश को तरक्की की राह पर ले जाने में उनकी अहम भूमिका है।
उन्होंने कहा, "जेएनयू जैसी घटनाओं से पूरा देश हैरान है, जहां दंगों के आरोपियों के लिए जमानत मांगी जाती है और आतंकवादियों का समर्थन किया जाता है। देश को ये दुखद लगता है कि यूनिवर्सिटी के छात्र गलत नारे लगाते हैं और देश के खिलाफ बोलते हैं।"
दिल्ली पुलिस ने जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर पांच जनवरी के विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान), 353(एक) (सार्वजनिक नुकसान पहुंचाने वाले बयान) और तीन(पांच) (सामान्य इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की है।