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योगी सरकार की जल परियोजनाओं से बुंदेलखंड से पश्चिमी यूपी तक सिंचाई और पेयजल को मिलेगी मजबूती

उत्तर प्रदेश में सिंचाई और पेयजल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए योगी सरकार विभिन्न जल परियोजनाओं पर काम कर रही है। केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना, मध्य गंगा स्टेज-2, कनहर सिंचाई परियोजना और नहरों के पुनरुद्धार से प्रदेश में लाखों किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलने के साथ बड़ी आबादी को पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाना है।

केन-बेतवा परियोजना से 3 लाख किसानों को लाभ

केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल सुविधाओं का विस्तार होगा। जल शक्ति मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, परियोजना के तहत झांसी, बांदा, महोबा और ललितपुर जिलों में 2.51 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा। इससे करीब 3 लाख किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जबकि लगभग 21 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जल संकट से प्रभावित बुंदेलखंड में इस परियोजना से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने और ग्रामीण परिवारों की पेयजल संबंधी जरूरतें पूरी करने की उम्मीद है।

मध्य गंगा स्टेज-2 का 97 प्रतिशत काम पूरा

मध्य गंगा स्टेज-2 परियोजना का 97 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होने पर अमरोहा, संभल और मुरादाबाद जिलों में 1.46 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इससे 4.10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, महाराजगंज में रोहिन नदी पर रोहिन बैराज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इससे 5,386 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होगी और करीब 16 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।

कनहर सिंचाई परियोजना से 108 गांवों को फायदा

कनहर सिंचाई परियोजना से उत्तर प्रदेश के साथ झारखंड और छत्तीसगढ़ को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने पर 35,467 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इसके अलावा करीब 2 लाख लोगों को पेयजल सुविधा मिलने और 108 गांवों के लगभग 53 हजार किसानों को लाभ पहुंचने का अनुमान है।

नहरों के पुनरुद्धार से 42 हजार किसानों को लाभ

प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए नहरों की खुदाई और अधूरे हिस्सों को पूरा करने का काम भी किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 613 किलोमीटर लंबाई की 110 नहरों में खुदाई और गैप संबंधी कार्य पूरे कर टेल तक पानी पहुंचाया गया। इससे 37,285 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हुई और करीब 42 हजार किसानों को लाभ मिला।

सिंचाई और पेयजल सुविधाओं के विस्तार पर जोर

केन-बेतवा, मध्य गंगा स्टेज-2 और कनहर जैसी परियोजनाओं के साथ नहरों के पुनरुद्धार से प्रदेश में जल प्रबंधन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने और ग्रामीण आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।