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योगी सरकार में परिषदीय शिक्षा को नई गति, शिक्षक संकुल बैठकों से सुधरेगी पढ़ाई की गुणवत्ता

योगी सरकार उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में न्याय पंचायत स्तर पर होने वाली शिक्षक संकुल की मासिक बैठकों को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन बैठकों में शिक्षक अपने नए प्रयोग, बेहतर शिक्षण पद्धतियां और सफल अनुभव साझा करेंगे, जिससे दूसरे विद्यालयों में भी पढ़ाई के स्तर को बेहतर बनाया जा सके।

अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य शिक्षकों को एक-दूसरे से सीखने का अवसर देना, बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार करना और निपुण लक्ष्य हासिल करने की दिशा में प्रयासों को मजबूत करना है।

निर्धारित एजेंडे के अनुसार होंगी बैठकें

निर्देशों के अनुसार, शिक्षक संकुल की बैठक हर महीने के तीसरे मंगलवार को आयोजित की जाएगी। यदि उस दिन अवकाश रहता है, तो बैठक अगले कार्यदिवस पर होगी। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक बैठक का समय दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक और एक अक्टूबर से 31 मार्च तक दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक निर्धारित किया गया है।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की बैठकें अलग-अलग होंगी। इनमें शिक्षण से जुड़ी समस्याओं, शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग और नए शैक्षिक प्रयोगों पर चर्चा की जाएगी। शिक्षकों को रोटेशन के आधार पर अपने अनुभव और नवाचार प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा।

बच्चों में विकसित होगी तार्किक और विश्लेषणात्मक सोच

शिक्षक संकुल बैठकों में बच्चों के उच्च स्तरीय चिंतन कौशल यानी एचओटीएस (HOTS) को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षकों को बच्चों से केवल ‘क्या’ और ‘कब’ जैसे सवाल पूछने के बजाय ‘कैसे’ और ‘क्यों’ आधारित प्रश्न पूछने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

इसके साथ ही पाठ योजनाओं में समूह चर्चा, वाद-विवाद और समस्या आधारित गतिविधियों को शामिल करने पर जोर रहेगा। इससे बच्चों को विषयों को बेहतर ढंग से समझने, अपने विचार व्यक्त करने और समस्याओं का समाधान खोजने में मदद मिलेगी।

निपुण लक्ष्य की नियमित होगी समीक्षा

हर बैठक में अगले महीने के लिए स्पष्ट और मापनीय शैक्षिक लक्ष्य तय किए जाएंगे। विद्यार्थियों की प्रगति, निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति और शिक्षण की प्रभावी रणनीतियों की समीक्षा भी होगी। इसके अलावा, सामुदायिक सहभागिता और सफल शैक्षिक प्रयोगों पर चर्चा की जाएगी, ताकि अच्छे प्रयासों को दूसरे विद्यालयों में भी लागू किया जा सके।

पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बैठकों का नियमित और गुणवत्तापूर्ण आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक की तैयारी, संबंधित शैक्षिक अधिकारियों की भागीदारी और निर्धारित एजेंडे के अनुसार चर्चा के माध्यम से इन्हें शिक्षकों के पेशेवर विकास और परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सुधार का प्रभावी मंच बनाने पर जोर दिया गया है।