योगी सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों से प्रभावित होकर फ्रांस की बहुराष्ट्रीय कंपनी रॉकेट (Roquette) ने उत्तर प्रदेश में मक्का आधारित उद्योगों में निवेश की दिशा में रुचि दिखाई है। वहीं, फ्रांस की इंजीनियरिंग कंपनी एडेइस (Edeis) ने भी प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। इससे उत्तर प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पेरिस स्थित भारतीय दूतावास में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल और फ्रांसीसी कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई। अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी सियाल पेरिस-2026 में शामिल होने गए प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव अविनाश जोशी की मौजूदगी में रॉकेट के सीईओ थियरी फूर्निए और एडेइस के प्रतिनिधि क्रिस्टोफ मोनी से बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल में उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव निखिल टीकाराम फुंडे और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विशेष सचिव राजकमल यादव शामिल रहे।
नॉन-जीएम मक्का और बेहतर सुविधाओं से आकर्षित हुई कंपनी
बैठक में उत्तर प्रदेश में उपलब्ध नॉन-जीएमओ मक्का यानी आनुवंशिक रूप से संशोधित नहीं किए गए मक्का की उपलब्धता, बेहतर औद्योगिक सुविधाओं और निवेश प्रक्रिया पर चर्चा हुई। प्रदेश में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, परिवहन और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है।
योगी सरकार की निवेश मित्र सिंगल विंडो व्यवस्था के जरिए उद्योगों को ऑनलाइन स्वीकृतियां और जरूरी अनुमतियां लेने में भी सुविधा मिलती है। प्रतिनिधिमंडल ने फ्रांसीसी कंपनियों को इन सुविधाओं और प्रदेश में निवेश की संभावनाओं की जानकारी दी।
रॉकेट के निवेश से किसानों को मिल सकता है नया बाजार
रॉकेट कृषि उत्पादों से खाद्य और औद्योगिक उपयोग की सामग्री तैयार करने वाली प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनी है। कंपनी मक्का सहित विभिन्न कृषि उत्पादों से स्टार्च, प्रोटीन और खाद्य एवं औषधि उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बनाती है। वर्ष 2025 में कंपनी का वैश्विक कारोबार लगभग 4.9 अरब यूरो रहा। इसके 40 से अधिक उत्पादन केंद्र हैं और 150 से ज्यादा देशों में व्यावसायिक उपस्थिति है।
बैठक में उत्तर प्रदेश में मक्का आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने और कृषि उपज के औद्योगिक इस्तेमाल की संभावनाओं पर चर्चा हुई। फर्रुखाबाद-कन्नौज सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में मक्का की उपलब्धता और उसकी आपूर्ति व्यवस्था पर भी विचार किया गया।
यदि निवेश प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए नए औद्योगिक खरीदार मिल सकते हैं। साथ ही मक्का की खरीद, भंडारण, परिवहन और प्रसंस्करण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
एडेइस ने भी दिखाई रुचि
फ्रांस की कंपनी एडेइस ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई है। कंपनी खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों, औद्योगिक इकाइयों, हवाई अड्डों और बंदरगाहों जैसी आधारभूत संरचना परियोजनाओं की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग और प्रबंधन के क्षेत्र में काम करती है।
बैठक में प्रदेश में औद्योगिक परियोजनाओं के विकास और तकनीकी सहयोग के संभावित अवसरों पर चर्चा हुई। इससे उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ औद्योगिक और आधारभूत संरचना क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
कृषि और उद्योग को जोड़ने पर योगी सरकार का जोर
योगी सरकार कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर जोर दे रही है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के बढ़ने से किसानों की उपज का इस्तेमाल कच्चे माल के रूप में किया जा सकता है और उससे अधिक मूल्य वाले उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों के विकास की व्यापक संभावनाएं बनी हैं। फ्रांसीसी कंपनियों के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही है। रॉकेट के प्रस्तावित निवेश से कृषि उत्पादों के औद्योगिक इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है और किसानों को नए विपणन अवसर मिल सकते हैं। बैठक में पेरिस स्थित भारतीय दूतावास की प्रथम मंत्री (आर्थिक प्रभाग) रिचा गुलाटी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।