Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में अपनी मजदूरी 66 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 400 रुपये से अधिक करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले हजारों रसोइयों का आंदोलन गुरुवार को 53 वें दिन भी जारी रहा। रसोइयों का विरोध प्रदर्शन दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है क्योंकि अन्य हिस्सों से भी कर्मचारी अपने वेतन में वृद्धि की मांग को लेकर इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।
विरोध स्थल पर रसोइये अस्थायी तंबुओं में रहते हैं और अपने परिवारों को खिलाने के लिए भिक्षा में भोजन मांग रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी मेहनत से स्कूलों में पढ़ने वालों बच्चों को भोजन तो मिल रहा है, लेकिन उनके अपने घर मुश्किल में हैं। हम 66 रुपये की दिहाड़ी में कैसे गुजारा करें?
रसोइयों का कहना है कि उन्होंने राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रियों से संपर्क किया है, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं। उनका कहना है कि राज्य में 88 हजार रसोइया हैं जहां काम ठप हो गया है। स्कूली बच्चे भोजन से वंचित रह रहे हैं।