स्थानीय शेयर बाजारों में शुक्रवार को दो दिन की तेजी थम गई और बीएसई सेंसेक्स 1,690 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 487 अंक की गिरावट आई। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और पश्चिम एशिया में संघर्ष में कमी आने के संकेत के अभाव में बाजार में गिरावट आई। कारोबारियों के अनुसार कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहने, रुपये में गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया।
बीएसई सेंसेक्स 1,690.23 अंक यानी 2.25 प्रतिशत टूटकर 73,583.22 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,739.04 अंक तक लुढ़क गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 486.85 अंक यानी 2.09 प्रतिशत गिरकर 22,819.60 पर आ गया। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में सबसे ज्यादा 4.55 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर में भी गिरावट रही। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, भारती एयरटेल और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन में बढ़त दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.72 प्रतिशत बढ़कर 109.9 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं भारतीय रुपया 86 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.82 (अस्थायी) के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का ‘कॉस्पी’ और जापान का 'निक्की नुकसान में रहे, जबकि शंघाई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग कस हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख था, जबकि अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को तेज गिरावट के साथ बंद हुए थे। गुरुवार को रामनवमी के कारण शेयर बाजार बंद रहे थे। उससे पहले बुधवार को सेंसेक्स 1,205 अंक और निफ्टी 394 अंक की तेजी के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1690 अंक लुढ़का, निफ्टी 487 अंक टूटा
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