प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बिहार में कथित अवैध बालू खनन से जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार, दिल्ली और राजस्थान के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। ईडी की यह कार्रवाई महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह कंपनी राजस्थान के श्रीगंगानगर के चंदक परिवार द्वारा संचालित की जाती है, जिसमें अशोक चंदक और उनके बेटे राघव चंदक प्रमुख हैं।
ईडी की पटना जोनल टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत कार्रवाई की। छापेमारी बिहार के बांका और पटना, दिल्ली-एनसीआर, श्रीगंगानगर के चार स्थानों और जयपुर के एक स्थान सहित कुल 8 ठिकानों पर की गई। जांच के दौरान ईडी को ऐसे सबूत मिले कि कंपनी ने बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया, जिसकी जानकारी राज्य के खनन विभाग के रिकॉर्ड में नहीं थी।
इसके बाद ईडी ने 1 अक्टूबर 2024 को आईआईटी पटना से बांका जिले के नदी घाटों का जियोस्पेशियल विश्लेषण कराने का अनुरोध किया।आईआईटी पटना की रिपोर्ट में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच कंपनी ने 131 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की बालू का अवैध खनन किया।
ईडी ने अपनी जांच के निष्कर्ष धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 66(2) के तहत बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड को भेजे थे। इसके आधार पर बिहार सरकार के खान एवं भूविज्ञान विभाग ने 21 अगस्त 2025 को एफआईआर संख्या 365/2025 दर्ज की थी, जिसकी जांच फिलहाल जारी है। ईडी अब इस मामले में अवैध खनन से अर्जित धन, वित्तीय लेन-देन और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच कर रही है।